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अस्थाई बस अड्डों से पैदल नापी शहर की दूरी

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अस्थाई बस अड्डे के पास लगे नाके पर पुलिसकर्मियों से बातचीत करते श्रद्धालु। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। सूर्य ग्रहण मेले में श्रद्धालुओं को ब्रह्म सरोवर और सन्निहित सरोवर तक पहुंचने के लिए पैदल ही भागदौड़ करनी पड़ी। व्यवस्था न होने के कारण श्रद्धालु प्रशासन को कोसते हुए ही अपने गंतव्य की ओर बढ़े। हालांकि प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को लाने और ले जाने के लिए निशुल्क ई-रिक्शा और मिनी बसें चलाने का इंतजाम करने का दावा किया गया था। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के मुताबिक खरी नहीं उतर पाई, जिससे उनको पैदल ही अपना रास्ता नापना पड़ा।
दरअसल, जिला प्रशासन ने मेले में पांच लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई थी, जिसके लिए प्रशासन की ओर से कुरुक्षेत्र से बाहर ही पिपली, कुरुक्षेत्र-ढांड रोड पर मिर्जापुर, कुरुक्षेत्र-पिहोवा रोड पर अस्थाई बस अड्डे बनाए गए थे। इन अड्डों से श्रद्धालुओं को ई-रिक्शा पार्किंग तक पहुंचाने के लिए मिनी बसें लगाई थी, मगर यह मिनी बसें ही श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन गई। इन बस के चालक नाका ड्यूटी दे रहे पुलिसकर्मियों पर नाका से आगे नहीं बढ़ने का आरोप लगाते रहे और पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं से बस को नाके तक लाने के लिए कहते रहे, मगर किसी ने भी श्रद्धालुओं की ओर ध्यान नहीं दिया।
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दोपहर करीब दो बजे पिहोवा से एक निजी बस से श्रद्धालुओं को लेकर अस्थाई अड्डे तक पहुंची। यहां पर पहले से ही मिनी बस श्रद्धालुओं को ई-रिक्शा पार्किंग थर्ड गेट तक लाने के लिए खड़ी थी, मगर जैसे ही श्रद्धालु बस में चढ़ने लगे तो चालक-परिचालक ने बस चलाने से इनकार कर दिया। इस पर श्रद्धालुओं ने बस न चलाने का कारण जाना तो चालक व परिचालक ने नाका ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों पर बस को नाके से आगे नहीं बढ़ने का आरोप लगाया। वहीं नाका ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं को ही बस को नाके तक लाने के कह दिया। व्यवस्था न बनते देख श्रद्धालुओं ने पैदल ही आगे बढ़ना शुरू दिया।
किसी ने नहीं समझी मजबूरी
पानीपत से आए श्रद्धालु पंडित बालकिशन ने कहा कि 20 से ज्यादा लोग पिहोवा से एक निजी बस में कुरुक्षेत्र के लिए चले थे, मगर बस चालक ने बीच रास्ते ही में उन्हें एक अड्डे पर उतार दिया। यहां से आगे जाने के लिए वे मिनी बस में सवार हुए, मगर चालक व परिचालक ने पुलिस पर आगे नहीं जाने देने का आरोप लगाकर उन्हें बस से उतार दिया। पुलिस वाले से बातचीत की तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए उन्हें बस को नाके तक लाने के बाद निकालने को कह दिया।
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मामले की कराएंगे जांच : मुंजाल
रोडवेज महाप्रबंधक अशोक मुंजाल ने बताया वह स्वयं व्यवस्था की जांच कर रहे थे। दोपहर साढ़े तीन बजे तक भी मिनी बसें श्रद्धालुओं को ई-रिक्शा पार्किंग तक छोड़ रही थी। इस तरह का मामला उनकी जानकारी में नहीं आया है। अगर कोई शिकायत मिली तो जांच जरूर कराई जाएगी।

मिनी बस से उतारे जाने के बाद थर्ड गेट की ओर पैदल रास्ता नापते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : Kurukshetra

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