शहर के पार्कों की स्थिति काफी दयनीय बनी हुई है। इन पार्कों में गंदगी के ढेर लगने के साथ-साथ बड़ी-बड़ी घास भी खड़ी हुई है, जो कि पार्कों की सुंदरता को ग्रहण लगा रही है। शहर के मुख्य पार्क सेक्टर-17, झांसा रोड स्थित जिंदल पार्क एवं नए बस अड्डे के समीप ताज पार्क के हाल बदहाल है। किसी में नाले का गंदा पानी खड़ा है, किसी में बड़ी-बड़ी घास उगी है, किसी में बिजली की तारें नंगी हैं तो कहीं बारिश के पानी की निकासी न होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। अधिकारियों की अनदेखी से ये पार्क अपना अस्तित्व पूरी तरह खो चुके हैं। अमर उजाला टीम ने शनिवार को तीनों पार्कों की ग्राउंड लेवल पर स्थिति जांची तो पार्कों की हालत बहुत ही खराब पाई गई।
सेक्टर-17 के शहर का दिल कहा जाता है। यहां पार्क में दिन में बेसहारा पशुओं की और रात में आवारा लोगों की भरमार रहती है। रात को कई लोग यहां टोलियां बनाकर नशा करते हैं। दिन में पार्क की स्थिति जांची तो पार्क में प्रवेश करते ही एक लाइट का पॉल मुड़ा हुआ है, जो किसी भी समय गिरकर सैर करने वाले को घायल कर सकता है। पार्क में प्रवेश करने के बाद कुछ कदम चलते ही बिजली की तारें नीचे लटकी हुई हैं। पार्क में बैठे लोगों को ने बताया कि यहां साफ-सफाई हुए कई माह बीत चुके हैं। बारिश में पानी इकट्ठा हो जाए तो कई दिनों तक नहीं उतरता। इस पानी में मच्छर पनप रहे हैं, जोकि बीमारियां फैलाने का काम कर रहे हैं।
एक समय था जब झांसा रोड स्थित करीब 14 एकड़ क्षेत्र में फैला ओपी जिंदल पार्क पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र हुआ करता था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही इस पर भी बहुत ज्यादा भारी पड़ी। पार्क के मुख्य प्रवेश द्वारा पर रैंप टूटा पड़ा है। इस रैंप के नीचे से गंदे पानी का नाला गुजर रहा है, जिसकी दुर्गंध के कारण नाक पर रुमाल रखना पड़ता है। पार्क में कई लाइटें खराब पड़ी हैं, जिस वजह से शाम होते ही यहां अंधेरा छा जाता है। पार्क में बच्चों के लिए लगे झूले भी टूट चुके हैं। पार्क की सबसे बड़ी समस्या इनमें भरने वाला गदें नाले का पानी है।
नए बस अड्डे के समीप ताज पार्क में यात्री बैठे रहते हैं। वहीं यह पार्क धरने प्रदर्शन व बैठक के लिए प्रचलित है। पार्क में आए दिन चार से पांच बैठकें होती हैं। पार्क में प्रवेश करने के तीन गेट हैं, इन सबकी हालत बहुत ज्यादा खराब है। पार्क में प्रवेश करते ही कई दिनों से खड़े बारिश के पानी में कदम रखे जाते हैं। पार्क की घास इतनी बड़ी हो चुकी है कि उसके एक व्यक्ति भी छुप सकता है। पार्क में मुख्य सड़क की तरफ के किनारे तो तालाब नजर आते हैं।
सेक्टर-17 वेलफेयर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान रामेश्वर गोयल ने बताया कि सेक्टर-17 के पार्क का साफ सफाई से तो दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। यह पार्क एचएसवीपी के अधीन आता है। विभाग द्वारा करीब दो साल से सेक्टर की सफाई का टेंडर ही नहीं दिया गया, जिस वजह से पार्क में भी गंदगी पसरी रहती है। सफाई के टेंडर को लेकर वे कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी कई बार आवाज उठा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
सेक्टर-17 वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि सेक्टर-17 में कई दुकानें व शिक्षण संस्थान हैं, जिनमें आने वाले लोग फ्री समय में पार्क में आकर विश्राम करते हैं, लेकिन पार्क की जो हालत है उससे उन्हें काफी परेशानी होती है। यदि समय समय पर यहां सफाई होती रहे तो समस्या ही खत्म हो जाएगी।
जिंदल पार्क में बच्चे को साथ लेकर आए रमेश कुमार ने कहा कि पार्क के सभी झूले टूटे पड़े हैं। कुछ एक झूले बचे हैं उस पर बच्चे खेल लेते हैं। डर लगा रहता है कि कहीं ये झूला टूट न जाए। पार्क में हालात भी पहले से बहुत खराब हो चुके हैं।
नगर परिषद के ईओ बलबीर सैनी ने बताया कि कुछ दिनों से नगर परिषद के सभी अधिकारी व कर्मचारी बारिश के पानी की निकासी के प्रबंध में जुटे हुए थे। अब नप द्वारा शहर के सभी पार्कों में अभियान चलाकर साफ सफाई कराई जाएगी। इसके साथ ही जो भी अन्य खामियां मिलेंगी उन्हें भी दुरुस्त किया जाएगा।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एसडीओ नरोती राम ने कहा कि उन्होंने पिछले सप्ताह ही सेक्टर-17 के पार्क में सफाई कराई थी। वहीं शिकायत आने पर भी तुरंत समाधान किया जाता है। अधिकारी पार्क की साफ सफाई को लेकर पूरी तरह से गंभीर हैं। पार्क में हर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।