राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने जिला स्वास्थ्य विभाग में डेपुटेशन पर काम करे रहे एंबुलेंस चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) को अपनी ड्यूटी के मुताबिक काम करने के आदेश जारी किये हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने जिला सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह को पत्र जारी कर आदेश दिए थे कि एनएचएम रेफरल ट्रांसपोर्ट योजना के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग में भर्ती एंबुलेंस चालक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (ईएमटी) जो विभाग के अन्य कार्यालयों में डेपुटेशन पर काम कर रहे हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से अपने मूल स्थान पर वापस बुलाया जाए और उनसे सिर्फ वह काम लिया जाए, जिस पद पर उनकी भर्ती हुई थी अन्यथा इन कर्मचारियों के लिए प्रतिबंध वापस ले लिए जाएंगे।
यही नहीं कर्मचारियों के वेतन की वसूली उस स्थानीय अधिकारी से की जाएगी, जिसके निर्देशानुसार उक्त कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही जिला सिविल सर्जन से स्पष्टीकरण मांगा है कि जिन स्थानीय अधिकारियों ने उक्त कर्मचारियों की अन्य विभागों में प्रतिनियुक्ति की है, उसकी सात दिन के भीतर रिपोर्ट तैयार कर कार्यालय में भेजी जाए। इसके साथ ही सीएमओ को आदेश दिए कि वे एंबुलेंस चालक और ईएमटी से रेफरल परिवहन योजना के तहत मात्र एंबुलेंस पर ही काम लें। गौरतलब है कि दो एंबुलेंस चालक सहित छह ईएमटी इधर-उधर प्रतिनियुक्ति करवाकर इधर-उधर सेवाएं दे रहे हैं, जिस पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने कड़ा संज्ञान लिया है। इसके बावजूद भी जिला स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक उक्त कर्मचारी पर कोई संज्ञान नहीं लिया।
गत दिवस ही मिला पत्र, करेंगे जांच : डॉ. सभ्रवाल
डिप्टी सिविल सर्जन (एनएचएम) डॉ. रमेश सभ्रवाल ने कहा कि उन्हें निदेशक एनएचएम की ओर से जारी पत्र मिला है, लेकिन कोरोना के चलते इधर-उधर कार्य कर रहे हैं उनका रिकॉर्ड मांगा गया है। इनमें से दो कर्मचारी एंबुलेंस पर कोविड-19 टेस्ट कर रहे हैं।