कुरुक्षेत्र। जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। एलएनजेपी नागरिक अस्पताल में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खासकर बच्चों में डायरिया और डिहाइड्रेशन के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। अस्पताल में रोजाना आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या दस्त, उल्टी और पेट संबंधी शिकायतों की है।
जिला अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए विशेष इंतजाम किए हैं। डायरिया मरीजों के लिए वार्डों में अलग से बेड रिजर्व किए गए हैं, जहां जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। अस्पताल में ओआरएस कॉर्नर भी तैयार किए गए हैं ताकि मरीजों को तुरंत राहत मिल सके। बच्चों के उपचार और देखभाल के लिए भी अलग से व्यवस्थाएं की गई हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास मुदगिल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी और लू के कारण बच्चों में डायरिया के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने बताया कि हर दिन पांच से छह मरीज यहां सिर्फ डायरिया के आ रहे हैं। इसके लिए अस्पताल में बच्चों के लिए विशेष तैयारी की गई है और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है।
उन्होंने लोगों से गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करने की अपील की। साथ ही बाहर का खुला और बासी भोजन खाने से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों में उल्टी-दस्त या कमजोरी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डॉ. मुदगिल ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी और वार्डों में हीट स्ट्रोक यूनिट भी बनाई गई हैं ताकि गर्मी से प्रभावित मरीजों का तुरंत उपचार किया जा सके।
डायरिया से बचने के उपाय
- बच्चों को उबला या साफ पानी ही पिलाएं।
- बाहर का खुला और बासी खाना खाने से बचें।
- खाने से पहले और शौच के बाद हाथ अच्छी तरह धोएं।
- बच्चों को धूप और गर्मी से बचाकर रखें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें।
- उल्टी-दस्त होने पर तुरंत ओआरएस दें।
- ज्यादा कमजोरी या बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- बाहर खुले में रखी कटी हुई फल-सब्जियां और बासी खाना खाने से बचें।