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Kurukshetra News: निरीक्षण और बैठकों में उलझी धर्मनगरी, बारिश से बने बाढ़ जैसे हालात

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कुरुक्षेत्र में बारिश के बाद गली में भरे पानी के बीच से होकर गुजरता श्रमिक। - फोटो : कुरुक्षेत्र में बारिश के बाद गली में भरे पानी के बीच से होकर गुजरता श्रमिक।
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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी की पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर दावे, निरीक्षण और बैठकों का दौर पिछले करीब डेढ़ माह से जारी है, लेकिन हकीकत में कितना काम हो पा रहा है यह पोल बारिश ने खोल दी है। रविवार को करीब 40 एमएम बारिश हुई, जिससे शहर के हालात बाढ़ जैसे बन गए। गहराई वाले क्षेत्र हो या फिर मुख्य सड़कें, चारों ओर जलभराव हो गया। पैदल से लेकर वाहन चालकों को भी गंतव्य तक पहुंचने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी तो कई क्षेत्रों में दुकानों व घरों में भी पानी घुसने जैसी स्थिति होने लगी।
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शहर के ये हालात उस समय है जब 19 जून को हुई 25 एमएम बारिश से भी शहर में जलभराव हो गया था और विधायक सुभाष सुधा ने भी हालात का जायजा लिया था। विधायक सलारपुर रोड, विष्णु काॅलोनी, गीता धाम, बिरला मंदिर, केडीबी रोड, गांधी नगर, कीर्ति नगर, झांसा रोड आदि क्षेत्रों का दौरा करने के लिए पहुंचे थे और उन्होंने भी पानी निकासी की बदहाल व्यवस्था को देख गहरी चिंता जताई थी। यहां तक कि कुरुक्षेत्र पैनोरमा के पास हुए जलभराव पर विधायक ने मौके पर ही अधिकारियों को टेलीफोन कर फटकार लगाई थी तो पानी निकासी भी कराई थी। इसके बाद उन्होंने बैठक भी ली थी तो अधिकारियों को पानी निकासी को लेकर व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश भी दिए थे। छह दिन बाद रविवार सुबह हुई बारिश के बाद अमर उजाला संवाद की टीम ने अलग-अलग क्षेत्र में पड़ताल की तो हालात पहले से भी बदतर मिले। लोगों का कहना है कि पानी निकासी के ये हालात अभी से है तो जब मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा तब क्या हाल होगा।
यहां रहता है जलभराव
न्यू कॉलोनी, पटेल नगर, सुभाष गली, विष्णु कॉलोनी, राजेंद्र नगर, कुरुक्षेत्र पैनोरमा रोड, सेक्टर 13, सेक्टर 17, सचिवालय रोड, झांसा रोड आदि ऐसे क्षेत्र है, जहां जलभराव दिखाई दिया। यहां हर बारिश में ऐसे ही हालात रहने लगे हैं।
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नप ईओ कर चुके हैं निकासी व्यवस्था का निरीक्षण
नगर परिषद की ओर से पिछले करीब डेढ़ माह से पानी निकासी की व्यवस्था को लेकर दावे किए जा रहे हैं। नालों की सफाई व मरम्मत से लेकर अन्य प्रबंध भी मानसून से पहले समय रहते किए जाने को लेकर कर्मियों को फील्ड में उतारा गया। इन कार्यों का नप कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने भी लिया, लेकिन हालात नहीं बदल पाए।

भीषण गर्मी से मिली राहत, किसानों के चेहरे खिले
बारिश के चलते भले ही लोगों को शहर में परेशानी झेलनी पड़ी, लेकिन पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी से छुटकारा भी मिला। दिन भर मौसम सुहावना रहा तो ठंडी हवा भी चली। बारिश होने से किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। बारिश के साथ ही धान रोपाई का काम तेज हो गया है। अगले चार दिन तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
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