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भरपेट भोजन कर डीजीपी ने भूखे प्यासे जवानों में भरा जोश

Sun, 24 Apr 2016 01:25 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/करनाल
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पुल‌िस - फोटो : अमर उजाला
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मधुबन में प्रदेश के नवनियुक्त डीजीपी केपी सिंह ने भरपेट भोजन कर भूखे व प्यासे पुलिस के जवानों में जोश भरा। करीब तीन घंटे तक इंतजार के बाद आखिरकार डीजीपी मधुबन कांप्लेक्स स्थित डॉ. भीम राव अंबेडकर रंगशाला में पहुंचे और जवानों को संबोधित किया। अपने एक घंटे के संबोधन में डीजीपी ने हरियाणा पुलिस की वही पुरानी बहादुरी वाली साख लाने के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। 
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दरअसल, शनिवार को मधुबन पुलिस कांप्लेक्स में करनाल के पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों को संबोधित करने के लिए डीजीपी का कार्यक्रम दोपहर 12 बजे रखा गया। जवानों को साढ़े दस बजे ही बुला लिया गया। जैसे-जैसे समय बीता तो 12 बज गए। इस दौरान बार बार मंच से संचालक यही कहते रहे कि कुछ ही देर में डीजीपी आने वाले हैं। इससे पहले, मधुबन पुलिस काम्पलेक्स की ओर से न तो पुलिस के जवानों के लिए पानी की व्यवस्था की गई थी और न ही खाने की। सुबह से दोपहर तक पुलिस कर्मचारियों को पानी तक नहीं मिला। पुलिस के जवान खुद ही नलों से बोतलें भरकर पानी पीते रहे। दोपहर तक नल भी जवाब दे गए। इंतजार जैसे-जैसे लंबा होता गया पुलिस के जवान सरेआम कांप्लेक्स में ही धुआं छोड़ते रहे। रंगशाला में जमीन पर बैठे जवान कभी उठते तो कभी बैठते। आखिरकार तीन बजे डीजीपी मैस में भरपेट भोजन करने के बाद अमले के साथ कार्यक्रम में पहुंचे। उनके साथ आईजी सुभाष यादव, एसपी पंकज नैन समेत अन्य पुलिस अधिकारी रहे।

एसपी ने निमंत्रण दिया, अकादमी ने किया इंकार
कार्यक्रम को लेकर मधुबन पुलिस काम्पलेक्स और जिला पुलिस में कोई तालमेल नहीं दिखा। एक तरफ एसपी की तरफ से डीजीपी के कार्यक्रम को कवर करने के लिए मीडिया को आमंत्रित किया गया तो दूसरी ओर से काम्पलेक्स में आईजी सुमन मंजरी ने मीडिया से कार्यक्रम से अलग होने के लिए कह दिया। काम्पलेक्स के पीआरओ रामकुमार ने तो यहां तक कह दिया कि यह पुलिस का निजी कार्यक्रम है और हमने किसी को बुलाया नहीं है, जिसने बुलाया है, उसी से बात करो। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या डीजीपी व पुलिस निजी हैं, तो उनके पास कोई जवाब नहीं मिला। 
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मुंशी के हवाले रहे थाने
बता दें कि करनाल जिले में 1697 पुलिस कर्मचारी हैं। डीजीपी के कार्यक्रम को लेकर जिलेभर के सभी थानों में केवल मुंशी व दो दो जवान ही तैनात रहे, बाकी स्टाफ को मधुबन भेजा गया। ऐसे में फरियादी भी अपनी समस्या सुनाने के लिए थानों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं मिला। बता दें कि इस कार्यक्रम में महिला पुलिस कर्मचारियों समेत सभी आईओ, थाना प्रभारी व चौकी प्रभारियों समेत सभी डीएसपी को बुलाया गया था। करनाल शहर की बात करें तो महिला थाना, सिविल लाइन थाना, सदर थाना और सिटी थाना बस मुंशियों के  हवाले रहे। 

नहीं मिले पुख्ता प्रबंध
कार्यक्रम के दौरान कांपलेक्स की ओर से पुख्ता प्रबंध नहीं मिले। सबसे बड़ी समस्या 40 डिग्री तापमान के बीच भी पुलिस के जवानों को पानी के लिए तरसना पड़ा। जैसे तैसे जवानों ने इधर उधर नलों पर पानी पिया, लेकिन दोपहर तक नल भी जवाब दे गए। वहीं, आसपास की कैंटीनों में दोपहर तक न तो दूध मिला और न ही लस्सी। जवानों ने चाय और मट्ठी के साथ ही अपनी भूख मिटाने का प्रयास किया। 

बीड़ी का एक-एक बंडल पी गए 
डीजीपी के इंतजार में पुलिस के जवान इधर-उधर छाया की तलाश में भटकते रहे। रंगशाला से निकल कर पुलिस के काफी जवान पेड़ों के नीचे खड़े रहे और बीड़ी सुलगाते रहे। एक जवान ने कहा कि और के करां भाई। आप तो इंतजार का अंदाजा लगा सको सौ, एक पूरा बंडल पी गए। इस दौरान पुलिस के जवानों ने कांप्लेक्स में जमकर धुआं उड़ाया, लेकिन कानून का पाठ पढ़ाने वाला कोई अधिकारी उनको टोकने तक नहीं आया। 


डीजीपी ने भी दिए गोलमोल जवाब
कांपलेक्स में हुए कार्यक्रम को लेकर अव्यवस्था के सवाल पर डीजीपी केपी सिंह ने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि अकादमी में पानी की भी व्यवस्था न हो। वहीं, जवानों को सुबह दस बजे से बुलाने के सवाल पर कहा कि सीएम की रैली को लेकर जवानों को रिजर्व के तौर पर बुलाया गया होगा।
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