संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। भगवान नगर कॉलोनी पिपली के श्रीराम मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का पहला दिन शुरू हुआ। श्री गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति ने इसका आयोजन किया। कथावाचक अनिल शास्त्री ने प्रभु की भक्ति और मानव के उद्धार प्रसंग का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रभु की भक्ति से ही मानव जीवन का कल्याण होता है। उन्होंने बताया कि नैमिषारण्य तीर्थ में 88 हजार ऋषियों ने सूतजी से प्रश्न किया। ऋषियों ने कलियुग में वेद-विद्यारहित मनुष्यों को प्रभु भक्ति कैसे मिलेगी, यह पूछा। सूतजी ने नारदजी को लक्ष्मीनारायण भगवान द्वारा बताया श्रेष्ठ व्रत बताया। नारदजी मृत्युलोक में मनुष्यों के दुखों से पीड़ित देखकर चिंतित हुए। वे प्राणियों के दुखों के नाश का उपाय जानने विष्णुलोक गए। वहां उन्होंने श्वेतवर्ण और चार भुजाओं वाले नारायण की स्तुति की। विष्णु ने नारदजी से उनके आगमन का कारण पूछा।
नारदमुनि ने मृत्युलोक के मनुष्यों के दुखों का वर्णन किया। उन्होंने पूछा कि थोड़े से प्रयत्न से ये दुख कैसे दूर हो सकते हैं। समाजसेवी वेद पोपली, पंडित लक्ष्मी नारायण शर्मा, प्रदीप कुंद्रा, हरदेव जोशी, प्रवीन रहेजा, राजकुमार बजाज, बलविंदर सिंह और चरणजीत मेहंदीरत्ता ने व्यास पूजन किया। आरती में आचार्य रंगनाथ शास्त्री, कृष्णा शर्मा, पूनम तलवाड़, कमल कक्कड़, विमला देवी आदि शामिल रहे।