पिहोवा। श्रावण मास की समाप्ति के उपलक्ष्य में संगमेश्वर महादेव मंदिर अरुणाय में एक विशाल भंडारा आयोजित हुआ। इसमें श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव महंत रविंद्र पुरी और महंत विश्वनाथ गिरी के सान्निध्य में बड़ी संख्या में साधु-महात्माओं ने भाग लिया।
महंत रविंद्र पुरी ने बताया कि श्रावण मास के दौरान मंदिर में कई पूजन अनुष्ठान हुए। इनमें 11 हजार बेलपत्र पूजन, पार्थिव शिवलिंग पूजन, भस्माभिषेक और रुद्राभिषेक शामिल थे। साथ ही 12 ज्योतिर्लिंगों की स्थापना भी की गई। उन्होंने कहा कि यह दक्षिण भारतीय शैली की प्राचीन पूजा पद्धति है। श्रद्धालुओं को अपनी परंपराओं से अवगत कराने के लिए यह पद्धति अपनाई गई। रक्षाबंधन पर इस बार एक खास संयोग है। माता लक्ष्मी ने सर्वप्रथम राजा बलि को रक्षा सूत्र बाँधकर इस पर्व की शुरुआत की थी।
बर्फ से बना बाबा अमरनाथ का स्वरूप
संगमेश्वर मंदिर सेवादल के प्रबंधक भूषण गौतम ने बताया कि श्रावण समाप्ति पर बाबा अमरनाथ बर्फानी की तर्ज पर शिवलिंग बनाया गया। कलाकारों ने बर्फ से बाबा बर्फानी का स्वरूप तैयार किया। यह स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए पूरे दिन आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने श्रावण मास में सहयोग के लिए सभी श्रद्धालुओं और प्रशासन के अधिकारियों का आभार जताया।