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Kurukshetra News: चैत्र चौदस मेले में उमड़े श्रद्धालु, पवित्र सरस्वती तीर्थ में लगाई डुबकी

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पिहोवा। चैत्र चौदस मेले में पूजा अर्चना करते श्रद्वालु। संवाद - फोटो : Samvad
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पिहोवा। चैत्र चौदस मेले में मंगलवार को दूसरे दिन देश-दुनिया से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। चैत्र चौदस के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखाई दिया। भक्तों ने पवित्र सरस्वती तीर्थ में आस्था की डुबकी लगाई। वहीं पूजा-अर्चना के साथ अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति के लिए पिंडदान कराया। श्रद्धालुओं ने तीर्थ पर प्रेत पीपल पर आस्था का धागा बांधा।
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मेले में पहले दिन सोमवार को ज्यादा भीड़ नहीं रही लेकिन देर रात को ही दूर-दराज से श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे थे। मंगलवार दोपहर तक हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच गए। वहीं आज चौदस अमावस्या पर और अधिक भीड़ उमड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। अमावस्या पर यहां स्नान का अहम महत्व माना जाता है और इसके प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा व आस्था है। श्रद्धालुओं ने मंगलवार को स्नान व पिंडदान के साथ जमकर खरीदारी भी की। वहीं बच्चों ने भरपूर मनोरंजन किया। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देख प्रशासन भी अलर्ट है और सीसीटीवी निगरानी के साथ-साथ चप्पे-चप्पे पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई है।
श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता प्रबंध, एसडीएम ने लिया जायजा

उपमंडल अधिकारी नागरिक अनिल कुमार दून ने कहा कि 19 मार्च तक चलने वाले इस चैत्र चौदस मेले में श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। मेले के दौरान सभी अधिकारियों को साफ-सफाई पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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एसडीएम ने मेले का निरीक्षण किया और अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान मुख्य बाजार व सरस्वती तीर्थ स्थल और प्रेत पीपल विभिन्न क्षेत्रों में साफ सफाई व सुरक्षा व्यवस्था को जांचा। कर्मचारियों को निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में आने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ करेंगे।
सफाई के लिए 50 कर्मियों को लगाया
नगर पालिका सचिव अशोक ने कहा कि प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र रात्रि समय में भी साफ-सफाई के लिए 50 से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने सभी यात्रियों और तीर्थ पुरोहितों को अपील करते हुए कहा कि प्रशासन की ओर से पॉलिथीन, प्लास्टिक प्लेटो, गिलासों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। इसके लिए श्रद्धालुओं के लिए भंडारे में स्टिल या पत्तों से बने बर्तनों का प्रयोग करें ताकि गंदगी न फैले और आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार कोई परेशानी न उठानी पड़े और मेले के सफल आयोजन में प्रशासन का सहयोग करें।

सामाजिक समरसता और मानव सेवा का केंद्र बना मेला

मेले के कारण सरस्वती तीर्थ पर विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं की सेवा के लिए भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। मेले में दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन, जलपान व प्रसाद की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। मेले में लगे इन भंडारों में सुबह से लेकर देर शाम तक हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। विभिन्न संस्थाओं के सेवादार पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ व्यवस्था संभालते हुए नजर आए। कहीं चाय-नाश्ते की व्यवस्था रही तो कहीं पूर्ण भोजन की सेवा दी गई जिससे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिली। भंडारा आयोजकों ने बताया कि यह सेवा कार्य न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। भंडारों के माध्यम से जहां एक ओर लोगों को निःशुल्क भोजन मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर सामाजिक समरसता और मानव सेवा का संदेश भी प्रसारित हो रहा है।
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