कुरुक्षेत्र। जिलेभर में गोवर्धन पूजा का पर्व विशेष उत्साह के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण को सुमन अर्पित कर अन्नकूट का भोग लगाया। गोवर्धन पूजा में लोगों ने सामूहिक पूजन किया। ब्रह्मानंद वैदिक संग्रहालय, ब्रह्मसरोवर, ब्रह्मानंद आश्रम, श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर, श्री दक्षिणमुखी प्राचीन हनुमान मंदिर सहित विभिन्न तीर्थ स्थलों पर पूजा-अर्चना की धूम रही। श्रद्धालुओं ने गिरिराज-गोवर्धन पूजा कर सुख-समृद्धि मांगी।
मंदिरों में विशेष तौर पर सजावट की गई और गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाकर श्रद्धालुओं ने सामूहिक पूजन किया। कई जगह भंडारे का आयोजन भी किया गया। गोवर्धन पूजा के साथ ही विभिन्न तीर्थ स्थलों पर अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया, जहां भगवान श्रीकृष्ण को कई प्रकार के पकवानों का भोग लगाया जाता है, जिसमें चावल, दाल, सब्जी, मिठाइयां और अन्य प्रसाद शामिल रहे। गोवर्धन पूजा को लेकर महिलाओं में अधिक उत्साह देखने को मिला। मंदिरों में भी महिला श्रद्धालु गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करती दिखाई दी। वहीं घरों में भी महिलाओं ने गोबर से गोवर्धन बनाकर परिवारजनों के साथ उत्साह के साथ पूजन किया। जिलेभर में गोवर्धन पूजा की धूम रही।
परिवार के सदस्य करते हैं श्रीकृष्ण की पूजा
राकेश रानी ने बताया कि पौराणिक मान्यता के मुताबिक जब भगवान श्रीकृष्ण ने देखा कि गोकुलवासियों को देवराज इंद्र के क्रोध का सामना करना पड़ रहा है, तो उन्होंने अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर उनकी रक्षा की थी। इस घटना के स्मरण में गोवर्धन पूजा की परंपरा प्रचलित हुई। इसलिए इस दिन श्रद्धालु इंद्र की पूजा के बजाय प्रकृति और गोवर्धन पर्वत की पूजा कर धरती के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा परिवार के सदस्य और पालतू पशुओं की सुख-समृद्धि के लिए शुभ मानी जाती है। गोबर से गोवर्धन बनाकर शाम के समय परिवार के सभी सदस्य भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते हैं।