कुरुक्षेत्र। इस्कॉन ने इस वर्ष भी होली का त्योहार अनूठे अंदाज में मनाया। इस दिन को इस्कॉन परिवार भगवान गौरांग महाप्रभु जी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाता है। परंपरा के अनुसार, फूलों की होली खेली गई, जिसमें देश के कोने-कोने से आए हजारों भक्तों ने भाग लिया।
फूलों की होली से पूर्व साक्षी गोपाल दास प्रभुजी अध्यक्ष, इस्कॉन कुरुक्षेत्र ने गौर कथा का वाचन किया। कथा में उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण जी कह रहे हैं— मै सबका पिता हूं। मेरे भक्त बनो, मेरी खूब सेवा करो, मेरे भव्य मंदिर बना कर मेरी पूजा करो, मुझे नमस्कार करो, जो अर्जुन इन चार कार्यों को करेगा, वह निश्चित ही मेरे धाम को प्राप्त करेगा। मुझे प्राप्त करेगा। अपनी कथा में उन्होंने बताया कि भगवान अपने भक्तों से मांग कर भी खाते हैं और छीन कर भी खाते हैं। चैतन्य महाप्रभु और कोई नहीं है स्वयं राधा कृष्ण हैं। जो हम जीवों का उद्धार करने के लिए आए है। भगवान चैतन्य महाप्रभु जी ने हमें हरिनाम संकीर्तन दिया है।