कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के समर्थन में प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी में भी हड़ताल रही। इधर केयू में बुधवार को जहां कुंटिया और केयू प्रशासन के बीच एक बारगी आमने सामने की स्थिति भी हो गई थी। आउट सोर्सिंग कर्मियों से काम कराने के लिए केयू प्रशासन ने विभागों के ताले खुलवा दिए तो कर्मचारी नेताओं ने आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को विभागों में जाने से रोक दिया। हालांकि 11 बजे बाद कई विभागों में आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने काम किया और पेंडिंग फाइलों को निपटाया। लेकिन बाहर से आए विद्यार्थियों के कोई काम नहीं हो सके। यहां तक कि सुबह फीस जमा कराने के लिए भी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भटकना पड़ा।
कुंटिया प्रधान राम कुमार गुज्जर ने मंगलवार को कर्मचारियों से बुधवार को यूनिवर्सिटी नहीं आने के लिए कहा था। ऐसे में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से काम कराने की तैयारी कर रखी थी। सुबह केयू प्रशासन ने जैसे ही विभागों के ताले खुलवाए वैसे ही गैर शिक्षक कर्मचारी नेताओं ने पहुंच गए और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को विभागों में नहीं जाने दिया गया। स्थिति यहां तक पहुंची कि कई विद्यार्थियों की फीस भी जमा नहीं हो पाई।
केयू के गैर शिक्षक कर्मचारी संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की थी। मंगलवार को भी यूनिवर्सिटी का काम हड़ताल के कारण प्रभावित हुआ था। कुंटिया प्रधान ने कर्मचारियों को पूर्ण हड़ताल का ऐलान करते हुए कहा था कि बुधवार को कोई भी कर्मचारी यूनिवर्सिटी नहीं आएगा। इधर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यूनिवर्सिटी का काम प्रभावित न हो इसके लिए आउट सोर्सिंग कर्मचारियों और सेवानिवृत्ति के बाद लगाए गए कर्मचारियों से लेने की तैयारी की थी।
कुलपति प्रोफेसर केसी शर्मा के निर्देश के बाद सभी आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को सुबह से ही यूनिवर्सिटी बुला लिया गया था। सुबह साढ़े नौ बजे रजिस्ट्रार प्रवीण सैनी, मुख्य सुरक्षा अधिकारी के साथ परीक्षा शाखा पहुंचे और वहां के ताले खुलवाए ताकि आउटसोर्सिग कर्मचारी काम शुरू कर सके। ताले खुलवाने के बाद वहां कुंटिया के सदस्य भी पहुंच गए और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को शाखा के अंदर नहीं जाने दिया गया। इधर यूनिवर्सिटी में इन दिनों फीस जमा करने का काम किया जा रहा है। लेकिन बुधवार को यह काम भी बंद करवा दिया गया।
जिससे बाहर से आए अभिभावकों और विद्यार्थियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ विद्यार्थियों की हालांकि फीस जमा हो चुकी थी, लेकिन बाद में काउंटर बंद करवा दिए गए।
11 बजे बाद शुरू हुआ काम
सुबह 11 बजे तक यूनिवर्सिटी में कोई काम नहीं हुआ था। बाहर से आए विद्यार्थियों का भी कोई काम नहीं हुआ और वे खाली हाथ लौट गए। करीब 11 बजे बाद आउट सोर्सिंग कर्मचारियों से काम शुरू कराया गया। परीक्षा शाखा सहित अन्य शाखाओं में दोपहर तक आउट सोर्सिंग कर्मचारियों ने काम किया और कई फाइलें निपटाई।
विद्यार्थियों का नहीं हुआ कोई काम
आउट सोर्सिंग कर्मचारियों से पेंडिंग काम तो पूरे करवा लिए लेकिन विद्यार्थियों के काम नहीं हो पाए। सुबह बाहर से पहुंचे विद्यार्थियों की फीस भी जमा नहीं हुई। हालांकि बाद में कुछ विद्यार्थियों की फीस जमा हुई।
प्रदेश की यूनिवर्सिटी में भी हुआ असर
हरियाणा यूनिवर्सिटीज फेडरेशन के आह्वान पर कुंटिया के समर्थन में प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी में भी काम प्रभावित हुआ। कुंटिया प्रधान ने बताया कि रामकुमार गुज्जर कहा कुंटिया की सभी मांगें जायज हैं। केयू प्रशासन मांगों को जायज-नाजायज कह कर कुंटिया की मांगों का अपमान कर रहा है। उन्होंने कहा कि केयू प्रशासन को मांगों के प्रति सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए। प्रधान ने कहा कि केयू से संबद्ध इंजीनियरिंग और बीएड कालेजों को दूसरी यूनिवर्सिटी से जोड़ने से केयू को वित्तीय व्यवस्था बिगड़ी जा रही है।
आज एकत्र होंगे विजय ग्राउंड में
कुंटिया महासचिव भारत भूषण ने कहा कि गुरुवार को सुबह नौ बजे सभी कर्मचारी विजय ग्राउंड में एकत्र होंगे। हड़ताल गुरुवार को भी जारी रहेगी। विजय ग्राउंड में आगे की रणनीति के बारे में भी चर्चा की जाएगी। महासचिव ने कहा कि सभी मांगें जायज हैं और जब तक पूरी नहीं होती आंदोलन चलता रहेगा।