अंबाला कैंट में डीईओ जिले सिंह अत्री ने जहां मंगलवार को सिटी के एक स्कूल को प्राइवेट पब्लिशरों की किताबें बेचते हुए पकड़ा, वहीं बुधवार को कैंट के एक निजी स्कूल में भी इसी तरह के खेल का भंडाफोड़ किया। इस स्कूल में भी डीईओ ग्राहक बनकर पहुंचे, जहां विक्रेता ने महंगे दामों पर उन्हें ही किताबें बेच दीं।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग को शिकायतें मिली थीं कि स्कलों से ही प्राइवेट पब्लिशरों की किताबें महंगे दामों पर बेची जा रही हैं। इसी को लेकर डीईओ ने बुधवार को कैंट के अंबाला दूरसंचार विभाग कार्यालय के पास स्थित एक निजी स्कूल में छापा मारा। यहां पर वे एक ग्राहक बनकर पहुंचे और किताबों के बारे में पूछने लगे। इस दौरान विक्रेताओं ने भी सारा कुछ बता दिया। इसी दौरान उन्होंने एक कक्षा की किताबों का सेट मांगा और विक्रेताओं ने यह सेट उनको महंगे दामों पर थमा दिया।
जैसे ही स्कूल संचालकों को इस बात की जानकारी लगी, तो उनमें हड़कंप मच गया। इस दौरान स्कूल संचालकों ने बताया कि एनसीईआरटी के साथ-साथ डीएवी संस्थाएं अपनी पुस्तकें भी लगवाती है। लेकिन प्राइवेट पब्लिशरों की पुस्तकों की बिक्री करने के सवाल पर वे ठोस जवाब नहीं दे पाए।
इसी दौरान डीईओ की नजर स्कूल परिसर में बनी कैंटीन में पड़ी, जहां पर फास्ट फूड आदि रखा गया था। उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग ने निर्देश दे रखे हैं कि स्कूलों के आसपास फास्ट फूड आदि नहीं बिकना चाहिए। यदि ऐसा मामला सामने आता है, तो कार्रवाई की जाएगी। इस पर भी स्कूल संचालकों ने कहा कि यह विद्यार्थियों के लिए नहीं बल्कि स्टाफ के लिए है।
जिला में मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची जारी की गई है ताकि अभिभावकों को पता चल सके कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूल कौन से हैं। इससे अभिभावकों में जागरूकता आएगी और वे अपने बच्चों को गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिला नहीं दिलवाएंगे, जबकि शिक्षा विभाग ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करेगा। उधर, कैंट में भी एक स्कूल में प्राइवेट पब्लिशरों की किताबें बेचते हुए पाया गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग मुख्यालय को इस स्कूल के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
- जिले सिंह अत्री, डीईओ, अंबाला
अभिभावकों के लिए स्थिति साफ, मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची जारी
मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति शिक्षा विभाग ने साफ कर दी है। इसी को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने जिला भर में चल रहे मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची जारी कर दी है। इसके बाद उन स्कूलों की धड़कनें बढ़ गई हैं, जो मान्यता लिए बिना ही चल रहे हैं, जबकि ऐसे स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की परेशानियां बढ़ेंगी।
18 विद्यालयों का निर्णय मुख्यालय लेगा
जिला शिक्षा अधिकारी जिले सिंह अत्री ने बताया कि 18 विद्यालयों की मान्यता संबंधी निर्णय शिक्षा विभाग के राज्य मुख्यालय द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 6 विद्यालय ऐसे हैं, जिनका निरीक्षण लंबित है और पहले से स्थापित 7 विद्यालयों की मान्यता से संबंधित मामले भी निरीक्षण लंबित होने के कारण अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।