लाडवा। डेंगू के बढ़ते प्रकोप की चपेट में अब लाडवा शहर व ग्रामीण क्षेत्र भी आ गए हैं। शहर के वार्ड नंबर 5,6,7,8 में डेंगू का ज्यादा असर दिख रहा हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी न केवल अलर्ट मोड पर आ गए हैं बल्कि इससे निपटने के लिए टीमें भी फील्ड में उतार दी है।
विभाग द्वारा गठित टीम हर एक वार्ड में जाकर मलेरिया व डेंगू फैलाने वाले मच्छर की रोकथाम हेतु कार्य कर रही है । मरीजों के खून की जांच भी की जा रही है तो मच्छरों का प्रकोप कम करने के लिए फॉगिंग भी तेज कर दी है। लाडवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डॉ कृष्णकांत का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू का प्रभाव कम है। उन्होंने कहा कि इस समय मच्छरों की अधिकता का कारण असामयिक बरसात व मौसम का ग्लोबल वार्मिंग प्रभाव है, जिसके कारण दिन और रात का तापमान सामान्यतया नवंबर मास में बहुत ज्यादा है। खंड विकास एवम पंचायत विभाग द्वारा भी ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू प्रभावित गांवों में लगातार फागिंग करवाई जा रही है ।
एसएमओ कृष्णकांत का कहना है कि अपने आसपास सफाई रखें, पानी खड़ा ना होने दें, पानी जमा ना करें। पानी की टंकी ,बर्तन उन्हें ढक कर रखें ताकि उन में मच्छर अंडे न दे सके। अपने आसपास टायर, टूटे-फूटे बर्तन, जूते, चप्पल, घर के किसी कोने में एकत्रित न करे। वर्षा का पानी जमा न होने दें। फ्रिज के पीछे लगी ट्रैकों को लगातार साफ करें। आसपास पानी खड़ा न होने दें। नाली आदि में काला तेल डाल दें ताकि मच्छर अंडे न दे सके। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहने एवं मच्छरदानी का प्रयोग करें। साथ-साथ मच्छरों से बचाने वाली क्रीम व अन्य साधनों का प्रयोग करें। तेज बुखार, सर दर्द, बदन दर्द ,शरीर में लाल चकते यदि दिखाई दे तो तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाडवा में संपर्क करें एवं डेंगू का टेस्ट करवाए।