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सोमवार का दिन रहा प्रदर्शनों का

Tue, 27 Oct 2015 01:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/कुरुक्ष्ाेत्र
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गीता नगरी में सोमवार का दिन प्रदर्शनों के नाम रहा। जहां एक ओर मांगों को लेकर प्राइवेट स्कूल फेडरेशन द्वारा पूरे शहर भर में रोष जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया गया वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार का एक वर्ष पूरा होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री का पुतला फूंक कर रोष जताया। इसके अलावा कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में एसएफआई कार्यकर्ताओं ने एमफिल और पीएचडी पर बंद हुई फैलोशिप के खिलाफ कुलपति कार्यालय पर नारेबाजी की और नेहरू लाइब्रेरी के सामने मानव संसाधन मंत्रालय का पुतला फूंका। इन विरोध प्रदर्शनों के बीच कौमी एकता का परिचय देते हुए मुस्लिम समुदाय ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की और साथ ही भारत माता जिंदाबाद और वंदे मातरम के नारे लगाए। साथ ही राजनेताओं से धर्म के नाम पर राजनीति बंद करने की मांग की। 
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प्रदर्शन ...1सोमवार सुबह शहर के थीम पार्क में फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के बैनर तले 1500 के करीब जिला के प्राइवेट स्कूल संचालक व अध्यापक एकत्रित हुए और इस दौरान जिला के करीब 200 प्राइवेट स्कूल में ताले लटके रहे और छात्रों की पढ़ाई बाधित रही। इस मौके पर फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के स्टेट प्रभारी कुलभूषण शर्मा ने उपस्थित स्कूल संचालकों व अध्यापकों को बताया कि भाजपा सरकार शिक्षा में काला कानून लागू करना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूल की मांगें नहीं मानी जाती हैं तो 14 नवंबर को होने वाले एचटेट परीक्षा का विरोध करेंगे और स्कूलों में केंद्र नहीं बनाने देंगे। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 134ए का नियम लेकर आई थी, जिसमें गरीब छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाने का प्रावधान है। लेकिन कांग्रेस यह केवल लोकसभा व एसेंबली चुनावों में वोटर को लुभाने के लिए लेकर आई थी। हमारी फेडरेशन द्वारा ही चुनाव आयुक्त का इस मामले में ध्यान दिलाकर कांग्रेस पार्टी के मनसूबों पर पानी फेरा गया था। इससे पहले कांग्रेस सरकार ने चौटाला सरकार के समय हमारी फेडरेशन से वादा किया था, जिसके बाद हमने कांग्रेस सरकार को जिताया था, लेकिन सरकार ने वादाखिलाफी की जिसका नुकसान कांग्रेस को सत्ता से दूर होकर चुकाना पड़ा। कुछ इसी प्रकार का काम भाजपा सरकार कर रही है ये भी चुनावी वादा भूल चुकी है। सरकार ने सभी प्राइवेट स्कूल में 134ए नियम लागू कर दिया जिसका फेडरेशन विरोध करती है। सरकार ने सभी प्राइवेट स्कूल संचालकों को कहा है कि वे अपनी स्कूली बसों में पीवी जेड कैमरा लगाएं। उन्होंने कहा कि यह कैमरा करीब 15 हजार के आसपास का आता है जबकि फेडरेशन ने करीब पांच हजार रुपए वाला कैमरा लगाने का निर्णय लिया है। सरकार बिना बात के प्राइवेट स्कूलों का खर्चा कराने पर आमादा है। यहीं नहीं मौजूदा सरकार द्वारा प्राइवेट स्कूल बसों की पासिंग अवधि 15 से घटाकर 10 वर्ष कर दी गई है। इससे प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसकी सरकार को परवाह नहीं है वो तो केवल गरीब के बच्चों को लेकर चल रही है। शिक्षा विभाग तुगलकी फरमान सुनाता रहता है जिसका प्राइवेट स्कूल फेडरेशन भारी विरोध करती है। हमने सरकार के पास एक प्रस्ताव भेजा था जिसमें 134ए के तहत प्राइवेट स्कूल में एडमिशन के समय सरकार 1500 रुपये प्रति छात्र प्राइवेट स्कूल को दे, जिसे देने में सरकार आनाकानी कर रही है और वैसे सरकारी स्कूलों में अरबों का बजट एक मिनट में पास कर देती है। रैली के लिए आरटीओ बसों को मंगवाए रैली में शर्मा ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की बसों को अब किसी भी रैली या नेता के काम के लिए आरटीओ लेटर भेज कर ही मंगवाएगा। अन्यथा किसी भी प्राइवेट स्कूल की बस रैली में नहीं जाएगी। जब भी किसी प्राइवेट स्कूल की बस का एक्सीडेंट हो जाता है तो उस स्कूल की प्रिंसिपल व संचालक को गिरफ्तार कर लिया जाता है, लेकिन हरियाणा रोडवेज की बसें आए दिन दुर्घटनाग्रस्त होती रहती है पर कभी भी रोडवेज के जीएम को गिरफ्तार नहीं किया जाता है। सरकार दोगली रणनीति अपनाती है जो कि गलत है। शर्मा ने कहा कि सरकार ने हमारे ऊपर व्यवसायिक कर लगा रखा है जिसे बंद किया जाना चाहिए। सरकार आने वाले दिनों में एक ओर नियम लेकर आने वाली है जिसमें सभी प्राइवेट स्कूलों के अध्यापकों को पात्रता परीक्षा पास करनी होगी अन्यथा वे स्कूलों में नहीं पढ़ा सकते हैं।
डीसी निकले चुपके से, तहसीलदार ने लिया ज्ञापनते हुए जिला के उपायुक्त सीजी रजनीकांतन फेडरेशन को अनदेखा कर ज्ञापन सौंपने से पहले ऐन मौके पर लघु सचिवालय से अपनी कार में बैठे और से निकल गए। फेडरेशन के सदस्यों को लगा कि उपायुक्त उनके पास ही उनकी समस्या सुनने आ रहे हैं, लेकिन डीसी उन्हें बाईपास कर निकल गए। प्रदर्शनकारी करीब आधा घंटे तक डीसी, एडीसी व सीटीएम को ही ज्ञापन सौंपने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन मौके पर प्रशासन की तरफ से तहसीलदार ने मोर्चा संभाला और प्राइवेट स्कूल फेडरेशन का ज्ञापन लिया। इस मौके पर जिला प्रभारी कर्मसिंह, बाल कृष्ण, मेवा राम,गाबा, ईश्वर सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में अध्यापक व संचालक मौजूद रहे।रही जाम की स्थितिप्राइवेट स्कूल संचालकों व स्टाफ रोष जुलूस निकालते हुए थीम पार्क से छटी पातशाही गुरुद्वारा होते हुए पुराना बस स्टैंड और वहां से श्रद्धानंद चौक होते हुए मोहन नगर ओवरब्रिज पार कर लघु सचिवालय पहुंचे। रोष जुलूस के कारण ओवरब्रिज व मोहन नगर में एक बार तो जाम की स्थिति बन गई, लेकिन ट्रेफिक पुलिस ने मौके पर संभाल कर स्कूली बसों व आम जन को रास्ता दिखाया तब जाकर जाम की स्थिति काबू में रही।
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भाजपा का एक साल पूरा : कांग्रेस ने फूंका सीएम का पुतलाभाजपा सरकार का एक वर्ष पूरा होने के बाद केवल घोषणाएं करने पर, चुनावी वायदा पूरा न करने पर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विशाल सिंगला के नेतृत्व में कांग्रेस प्रदेश महासचिव शमशेर गोगी की अध्यक्षता में अग्रसेन  चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। इस मौके पर प्रदेश महासचिव  शमशेर गोगी ने कहा कि सरकार ने पिछले एक साल में केवल कोरी घोषणाएं ही की है। उन्हें पूरा करने का एक भी कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा  सरकार से प्रत्येक वर्ग दुखी है चाहें वह व्यापारी वर्ग हो या फिर किसान वर्ग। उनके अनुसर सरकार की गलत नीतियों के कारण देश का नौजवान बेरोजगार घूम  रहा है। सरकार नित नए कानून ृास कर गांवो की पंचायत से खिलवाड़ कर रही है, जो कि असहनीय है। इसके चलते प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर का पुतला  फूंका है। इस मौके पर सुरेश यूनिसपुर, विवेक कुमार डब्बू, प्रवेश  राणा, सतीश गर्ग सहित अनेक कांग्रेसी मौजूद रहे।

26केयूआरपी-01: केयू परिसर में एमएचआरडी का पुतला फूंकते एसएफआई सदस्य। ----------------------------- एसफआई ने फूंका एमएचआरडी का पुतला - फैलोशिप बढ़ाने की उठाई मांग अमर उजाला ब्यूरो कुरुक्षेत्र। केयू में छात्र संगठन एसएफआई ने नॉन नेट की फैलोशिप समाप्त करने के विरोध में मानव संसाधन मंत्रालय (एमएचआरडी) का पुतला फूंका। सोमवार को रोष प्रदर्शन करते हुए छात्र संगठन ने मंत्रालय के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी की और काला दिवस मनाया। यूनिवर्सिटी कमेटी अध्यक्ष विकास ने कहा कि यूं तो सरकार यूनिवर्सिटी में शोध हब बनाना चाहती है, लेकिन शोधार्थियों को दी जाने वाली फैलोशिप सरकार बंद कर रही है। सरकार ने शिक्षा के बजट में से यूजीसी के बजट को 32 प्रतिशत तक घटा दिया है। उन्होंने कहा कि फैलोशिप की मांग कर रहे जेएनयू छात्र यूनियन के ऊपर सरकार के आदेश पर लाठीचार्ज किया गया, जिसके विरोध स्वरूप काला दिवस मनाया जा रहा है। एसएफआई ने नॉन नेट की फैलोशिप को बढ़ाने की मांग की है। इस अवसर पर सुरेंद्र, नरेंद्र, प्रवीन, ज्योति, टिंकू, मुकेश, पल्लू, जसविंदर, बंटी, सोनू कार्तिक, रोबिन और मन्नू सहित अनेक विद्यार्थी मौजूद रहे। 
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें : खुर्शीद - कौमी एकता का परिचय दिया हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वहीं दूसरी ओर गाय का राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए कुरुक्षेत्र के मुस्लिम समुदाय द्वारा उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश के सीएम को ज्ञापन भेजा गया। इस ज्ञापन में मुस्लिम समुदाय के खुर्शीद अहमद ने कहाकि गाय पूरे भारत के सभी धर्मों के लिए आदरणीय व पूजनीय है चाहे वो हिंदू हो, मुस्लिम, सिख हो या इसाई हो। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से गाय को लेकर कुछ नेताओं द्वारा धार्मिक विवाद को भड़काया हुआ है। इस तरह हिंदू-मुस्लिम समाज में टकराव पैदा करने की नापाक कोशिश की जा रही है। हम सब इस तरह के सभी प्रयासों की घोर निंदा करते है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वे गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें। गाय को कष्ट पहुंचाने पर कठोर सजा दी जाए। गाय के लिए चिकित्सा सुविधा और भोजन आदि का तुरंत प्रबंध किया जाए। उन्होंने कहा कि देश के सभी राजनेताओं को मुख्यमंत्री के माध्यम से संदेश देना चाहते हैं कि वे अपनी राजनीति चमकाने के लिए गाय तथा अन्य धार्मिक प्रतीकों का प्रयोग बंद करें। साथ ही देश के नागरिकों से अपील की है कि वे धार्मिक सद्भाव बनाए रखें। इस मौके पर कृष्ण बजाज, सोहेल खान, आजाद युवा दल अध्यक्ष विक्रम शर्मा, राममेहर शास्त्री, कयूम खान, फिरोज खान, सईद खान सहित काफी संख्या में हिंदू व मुस्लिम समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
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