गांव जैनपुर जाटान में जाट आरक्षण को लेकर चल रहे धरने को रविवार को दो सप्ताह हो गए। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर धरने के 15वें दिन जाट समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में धरनास्थल पर उपस्थिति दर्ज कराई। रविवार को भी जाट समाज की महिलाएं भी ट्रैक्टर-ट्रालियों द्वारा धरनास्थल पर पहुंचकर इसमें शामिल शामिल हुईं। राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक के जैनपुर दौरे के बाद से जैनपुर में जाट नेताओं ने जहां धरनास्थल का दायरा बढ़ाया है, वहीं गांवों में प्रचार वाहन के माध्यम ये उपस्थिति बढ़ाने के तमाम प्रयास शुरू कर दिए हैं। धरने का नेतृत्व कर रहे नेता 19 फरवरी को यहां धरने में जाट समाज की काफी भीड़ जुटाने के प्रयास कर रहे है।
रविवार को धरने की अध्यक्षता गांव अंटेहड़ी के पूर्व सरपंच सुरेश शर्मा ने की। धरनास्थल पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष बलदेव राठी ने शनिवार को सरकार के साथ हुई बैठक की जानकारी धरने पर बैठे लोगों को दी। जिलाध्यक्ष ने बताया कि पानीपत में हुई सरकार के प्रतिनिधियों और जाट नेताओं के बीच बातचीत बेनजीता रही है। जाट नेताओं के साथ हुई बातचीत के बाद सरकार के प्रतिनिधियों ने सरकार से सलाह लेने और जानकारी देने के लिए तीन दिन का समय मांगा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी धरनास्थलों पर 9 फरवरी को पिछले वर्ष जाट आंदोलन में शहीद हुए युवाओं की स्मृति में बलिदान दिवस मनाया जाएगा।
ये रहे धरने में शामिल
धरने पर आशीष फौजदार, सुभाष चंद, गुरनाम सिंह, शमशेर सिंह, कुलदीप सिंह, जय सिंह, समय सिंह, सतपाल, सोम प्रकाश, बलबीर सिंह, लखबीर सिंह, शिवकुमार बन, जोगिंद्र सिंह, जिले सिंह, सुखविंद्र, सतनाम सिंह, जगमाल, फूल बदरपुर, गुरविंद्र बन, अजैब सिंह, दिलावर सिंह, अंग्रेज सिंह, ज्ञान सिंह, रोहित, लाभ सिंह, चरणो देवी, गीता देवी, दयालो देवी, किरणा देवी, मुर्ती देवी, सुरजतो, जगीरो देवी, निर्मला, दर्शनी, परमजीत कौर, सुशीला, अंगूरी, कुंती देवी तथा दयालो देवी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
पुलिस ने बढ़ाई चौकसी, खुफिया विभाग भी अलर्ट
पुलिस ने भी धरना स्थल के आसपास चौकसी बढ़ा दी है। लाडवा-जैनपुर भादसों मार्ग पर लगाए गए नाकों पर पुलिस मुस्तैद हो गई है। इसके साथ ही खुफिया विभाग को भी धरने से संबंधित हर जानकारी जुटाने के लिए अलर्ट किया गया है।