कुरुक्षेत्र। जिले में हर साल करीब एक लाख 25 हजार हेक्टेयर में गेहूं का उत्पादन किया जा रहा है। इससे सीजन में अनाज मंडियाें से लेकर गोदाम तक भर जाते हैं लेकिन मध्यप्रदेश में उगाया जाने वाला गेहूं लोगों की खास पसंद बन रहा है। इसके कारण ही न केवल इस गेहूं की मांग बढ़ रही है बल्कि कारोबारी भी बढ़े हैं।
वर्तमान में सामान्य गेहूं का सरकारी तौर पर 2585 रुपये प्रति क्विंटल भाव तय किया हुआ है लेकिन मध्यप्रदेश के 306 किस्म का गेहूं पांच हजार रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। वहीं अन्य किस्म का गेहूं भी 3300 रुपये से लेकर 4200 रुपये तक के भाव से बिक रहा है। भाव के इस अंतर के बावजूद भी बड़े स्तर पर लोग एमपी के गेहूं को ही खाने में प्राथमिकता देने लगे हैं। हालांकि एमपी के गेहूं का सीधे तौर पर स्थानीय अनाज मंडियों में कारोबार नहीं होता लेकिन बाजार में दुकानों पर यह गेहूं बिक रहा है। वर्तमान में ही जिलेभर में इस गेहूं के 100 से अधिक कारोबारी हैं, जहां से आगे छोटी दुकानों तक भी यह गेहूं पहुंचता है।
साफ-सफाई के साथ खाने का भी स्वाद अलग : दौलत राम
अनाज मंडी के कारोबारी दौलत राम बंसल ने कहा कि बड़े स्तर पर ऐसे लोग हैं जो मध्यप्रदेश के गेहूं की आपूर्ति का इंतजार करते हैं। अधिक भाव के बावजूद भी वे इसको खरीदना पसंद करते हैं। इसकी साफ-सफाई के साथ इस गेहूं की रोटी खाने में भी स्वाद अलग होता है।
बदल रही लोगों की पसंद : दयाल चंद
थानेसर अनाज मंडी के कारोबारी दयालचंद ने कहा कि लोगों की हर स्तर पर पसंद बदल रही है। बड़े स्तर पर लोग एमपी के गेहूं को प्राथमिकता देने लगे हैं। लोगों की मांग को देखते हुए ही हर साल मध्यप्रदेश से करोड़ों का गेहूं जिलेभर में पहुंचता है।
कुरुक्षेत्र। दौलत राम बंसल।
कुरुक्षेत्र। दौलत राम बंसल।
कुरुक्षेत्र। दौलत राम बंसल।