कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर सिख संगत ने वीरवार को रोष प्रदर्शन किया। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के सदस्य व अन्य संगत ने देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम सीटीएम आशीष कुमार को ज्ञापन सौंपकर जेलों में बंद, बंदी सिखों को रिहा करने की मांग उठाई। सिख संगत गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी में एकत्रित हुई, इसके बाद उपायुक्त कार्यालय पहुंची।
यहां संगत ने करीब डेढ़ घंटे तक सतनाम वाहेगुरु का सिमरन किया। संगत ने पहले उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की मांग की लेकिन डीसी करीब डेढ़ घंटे तक व्यस्त रहे, जिस दौरान संगत कार्यालय के बाहर धरना देकर वाहे गुरु, वाहे गुरु...का सिमरन करती रही। बाद में सीटीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
हरियाणा कमेटी के सदस्य मेजर सिंह और गुरनाम सिंह लाडी डबरी ने कहा कि विभिन्न जेलों में बंद कई सिख अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, इसके बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा। उन्होंने सरकार से सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई की मांग की। हरकीरत सिंह ने कहा कि जगतार सिंह हवारा की माता काफी बीमार हैं लेकिन उन्हें अपनी माता से मिलने के लिए पैरोल भी नहीं दी जा रही।
उन्होंने कहा कि कई बंदी सिख 30-30 साल से जेलों में बंद हैं और अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। सरकार को सिख संगत की इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अब तक सिख कौम के लिए कई कार्य किए हैं। सिख संगत को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाकर बंदी सिखों की रिहाई के लिए बातचीत करेंगे। प्रदर्शन में हरियाणा कमेटी के अतिरिक्त सचिव राजपाल सिंह दुनिया माजरा पीए, उप सचिव अमरिंदर सिंह, उप सचिव रुपिंदर सिंह, फ्लाइंग इंचार्ज जज सिंह, आईटी विभाग प्रभारी हरकीरत सिंह, अमला शाखा प्रभारी हरविंदर सिंह, मैनेजर हरमीत सिंह सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
11 सितंबर से चल रहा था धरना
गौरतलब है कि सिख संगत ने 11 सितंबर को धर्मनगरी में इस मांग को लेकर धरने की शुरुआत की थी, इसके बाद प्रतिदिन शाम चार से पांच बजे तक मीरी पीरी चौक पर धरना देकर बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर रोष जताया जा रहा था। इस रोष में हरियाणा कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा व जगतार सिंह हवारा के पिता भी शामिल हो चुके हैं।