कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के मद्देनजर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। पिछले कुछ दिनों की स्थिति देखें तो धंतौड़ी गांव के पास सात दुर्घटनाएं और एक निजी ढाबे के पास 4 दुर्घटनाओं में कुल 11 लोगों की मौत को चुकी है। जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में इन्हें ब्लैक स्पॉट पर डीसी ने चिंता जताई। बैठक में सड़क सुरक्षा और सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी पर भी चर्चा की गई। बैठक में यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डीसी ने कहा कि पिछले दिनों सड़क हादसों में मौत के मामले चिंताजनक हैं। भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लगाई जाए, इसके लिए उचित कदम उठाने होंगे। धुंध के सीजन से पहले संबंधित विभाग के अधिकारी जल्द से जल्द सफेद पट्टी लगाने के कार्य को पूरा करेंगे।
इससे पहले आरटीए सचिव विजय देसवाल ने सड़क सुरक्षा समिति के विशेष एजेंडो की रिपोर्ट को हाउस के समक्ष रखा और आगामी एजेंडों पर चर्चा की गई। एडीसी ने कहा कि जिले में लोक निर्माण विभाग, शहरी स्थानीय निकाय, मार्केटिंग बोर्ड की सभी टूटी सड़कों की मरम्मत करवाने का काम जल्द से जल्द किया जाए। जिन सड़कों के टेंडर जारी हो चुके है, वो अपना काम शुरु कर दें और जिनके टेंडर लंबित हैं, उनकी रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजी जाए ताकि आगामी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा रोड सेफ्टी के 13 नए एजेंडों को भी हाउस के समक्ष रखा गया और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इसे जल्द कार्य पूरा करने के बाद रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
बैठक में डीसी ने निर्देश दिए कि ट्रैफिक पुलिस सड़कों व बाजारों में दोनों तरफ अतिक्रमण हटाने का कार्य जल्द पूरा करें। ओवर स्पीड, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का प्रयोग, शराब पीकर वाहन चलाने वाले, जीटी रोड पर लैन नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के चालान किए जाएं। जब सभी विभागों के अधिकारी मिलकर सड़क सुरक्षा नियमों की पालना करवाएंगे तो निश्चित ही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लग पाएगा। इस मौके पर डीएसपी प्रदीप कुमार, आरटीए सचिव उर्मिल श्योकंद, आरटीए विभाग से जोगिंद्र सिंह, सुनील कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।