पानीपत। जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से शुरू की गई सरकारी खेल नर्सरियों की संख्या लगातार बढ़ रही है पर सही प्रशिक्षण और उचित सुविधाएं नहीं मिलने से इन नर्सरियों में खिलाड़ियों की संख्या कम हो रही है।
जिले को 47 खेल नर्सरियां आवंटित की गई हैं। इनमें से दो नर्सरियों में खामियां मिलने पर विभाग की ओर से उन्हें बंद कर दिया गया है। इन खेल नर्सरियों का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर ही पहचानकर उन्हें संबंधित खेल में नियमित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। जिले में कबड्डी, वॉलीबॉल, खो-खो, हैंडबॉल सहित विभिन्न खेलों की नर्सरियां संचालित की जा रही हैं। जिले में में सबसे अधिक नर्सरियां कबड्डी और वॉलीबॉल की हैं। खेल नर्सरी योजना के तहत चयनित बच्चों को सरकार की ओर से प्रशिक्षण के साथ डाइट मनी यानी भत्ता भी दिया जाता है।
सरकारी नर्सरियों में खिलाड़ियों की कई बार खेल उपकरण नहीं मिलते तो कभी बेहतर प्रशिक्षण। भाला फेंक खिलाड़ी सत्यम ने बताया कि वह अपनी तैयारी खुद प्राइवेट कोच के पास करते हैं क्योंकि जिले में जो सरकारी खेल नर्सरी हैं उन्हें वहां बेहतर प्रशिक्षण नहीं मिल रहा है।
सरकारी कोच सन्नी और विनोद ने बताया कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जाता है। कभी-कभी खेल उपकरण खिलाड़ियों को समय पर नहीं मिल पाते जिससे खिलाड़ियों को थोड़ी परेशानी हो जाती है। अब तो खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और उनके अभ्यास का खास ध्यान रखा जाता है। संवाद