फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेक्टर तीन में दूषित पानी पीने से अब तक 18 लोग आ चुके हैं पीलिया की चपेट में, 7 माह की गर्भवती महिला की मौत

विज्ञापन
death - फोटो : Kurukshetra
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की लापरवाही का खामियाजा सेक्टरवासियों को इस कदर भुगतना पड़ रहा है कि मंगलवार को पीलिया के कारण सात माह की गर्भवती महिला की पीजीआई रोहतक मौत हो गई है, जबकि मंगलवार को पीलिया से पीड़ित छह नये मामले और सामने आए हैं। मृतका की शिनाख्त सेक्टर-3 निवासी सोनिया पत्नी सुरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। मृतका के जेठ नरेंद्र कुमार ने बताया कि उसके भाई सुरेंद्र की 23 वर्षीय पत्नी सोनिया सात माह से गर्भवती थी।
विज्ञापन

गत 14 जनवरी को अचानक सोनिया की तबीयत बिगड़ी थी, जिससे तत्काल शहर के एक नर्सिंग हॉम में दाखिल कराया गया था। यहां महिला चिकित्सक ने सोनिया को कैथल के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां रक्त की जांच करने में सामने आया था कि सोनिया हेपेटाइटिस ई से ग्रस्त हैं, लेकिन यहां भी चिकित्सक ने सोनिया की गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रोहतक या चंडीगढ़ ले जाने की हिदायत दी थी, जिसके पश्चात वे सोनिया को रोहतक पीजीआई ले गए थे। उन्होंने बताया कि यहां चिकित्सकों ने बच्चा मृत होने की बात कहकर 17 जनवरी को सोनिया की डिलिवरी कराई थी, लेकिन लीवर में इंफेक्शन बढ़ने के कारण सोनिया ने उपचार के दौरान मंगलवार को दम तोड़ दिया। वहीं बताया गया है कि सुरेंद्र कुमार भी पिछले कई दिनों से पीलिया से पीड़ित हैं, जिन्होंने कैथल और रोहतक पीजीआई से ही उपचार लिया। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। काबिले गौर है कि पिछले तीन दिनों में दूषित पेयजल पीने के कारण 24 मरीज पीलिया से पीड़ित मिल चुके हैं। यही नहीं, गत दिवस स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सेक्टर के विभिन्न ट्यूबवेल से भरे गए पंद्रह में से सात सैंपल अनफिट मिले थे, जबकि सात ट्यूबवेल में से चार पर लगे डोजर खराब मिले थे, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एचएसवीपी के संबंधित अधिकारियों की खूब लताड़ लगाई थी। जैसे ही इसकी सूचना जिला स्वास्थ्य विभाग को मिली, तभी से स्वास्थ्यकर्मियों की 20 टीमें इस क्षेत्र में डोर-टू-डोर कर मरीजों की तलाश करने में जुटी है और सेक्टरवासियों को दवाईयां वितरित कर सेहत के प्रति सजग रहने की हिदायतें दी रही हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भरे गए पानी के पंद्रह सैंपल फिट मिले हैं, जबकि चार सैंपल को जांच के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की लैब में भेज दिया गया है। अचानक सेक्टर में फैली बीमारी के कारण सेक्टरवासियों में दहशत बनी हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सेक्टर-3 स्थित गुरुद्वारा में अतिरिक्त अस्थाई अस्पताल बनाया गया है, जहां चिकित्सक सहित स्वास्थ्यकर्मी लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है।
11 दिसंबर को मनाया था बच्चे का जन्म, दिसंबर 2018 में हुई थी शादी
परिजनों ने बताया कि सोनिया की दिसंबर 2018 में सुरेंद्र कुमार के साथ शादी हुई थी और 11 जनवरी को ही उन्होंने अपने एक साल के बेटे दिवांश का जन्मदिन धूमधाम से मनाया था। अब सोनिया सात माह की गर्भवती थी। परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन उन्हें मालूम नहीं था कि दूषित पानी से अचानक फैली बीमारी उनके परिवार को इस तरह से झकझोर देगी।
विज्ञापन

डैथ ऑफ समरी से होगी मौत के कारणों की पुष्टि: सीएमओ
सिविल सर्जन डा. सुखबीर सिंह ने कहा कि सेक्टर-3 में गर्भवती महिला की मौत के कारणों की अभी पुष्टि नहीं हो पाई है कि आखिर गर्भवती की किन कारणों से मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग उक्त महिला की डैथ ऑफ समरी जांच करेंगा, जिसके पश्चात मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम सेक्टर के हाउसिंग बोर्ड में डोर-टू-डोर दवाईयां और स्थिति का जायजा ले रही है। इस संदर्भ में वे पहले ही एचएसवीपी के अधिकारियों को पेयजल में सुपर क्लोरिनेशन करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। कहा कि जब तक स्थिति कंट्रोल में नहीं आती, तब तक सेक्टरवासी पानी को उबालकर पीए और कुछ भी खाने से पहले हाथ को साबुन से अच्छी तरह से धोयें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें