बूटा राम की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से उसके परिजन भड़क उठे। उसकी हत्या किए जाने के आरोप लगाते हुए पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर मृतक के परिजनों ने अंबेडकर चौक पर बुधवार दोपहर को शव को सड़क के बीच शव रख कर जाम लगा दिया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। मौके पर पहुंचे विधायक सुभाष सुधा व थानाध्यक्ष के समझाए जाने पर परिजन शांत हुए तथा जाम खोला तो वहीं विधायक ने थानाध्यक्ष को आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। जाम खोले जाने के बाद परिजनों ने शव का संस्कार किया। रोष जता रहे मृतक बूटा राम के पुत्र रवि व गौरव ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले में कोई कार्यवाही नहीं कर रही है।उनके पिता बूटा राम ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसको न केवल आत्महत्या करने के लिए उकसाय गया, बल्कि उसकी हत्या की गई है। उन्होंने वार्ड दो से प्रत्याशी रहे अश्वनी चोपड़ा सहित उसकी पत्नी, दो साले, ससुर व एक पड़ोस में ही रह रही उनकी महिला रिश्तेदार पर हत्या करने व आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि चुनाव के बाद रंजिश के चलते अश्वनी चोपड़ा व उसकी पत्नी व दो सालों ने कई बार उनके पिता को न केवल जान से मारने की धमकी दी, बल्कि उसकी सरेआम बेइज्जती भी की। यहीं नहीं उसके ससुर ने भी फोन पर उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी थी। जाम लगाने वालों में मृतक बूटा ङ्क्षसह का पुत्र रवि, गौरव, पत्नी संतोष, कमलेश, पूनम, आरना, दर्शनी पोपली, जगमोहन, सचिन, सतीश कुमार, रविंद्र गाबा, बलविंद्र गाबा, भूपेंद्र, साजन धवन, मुकुल, अशोक कुमार, हैप्पी कवात्रा सहित भारी संख्या में रिश्तेदार व अन्य लोग थे।
मामले की होगी निष्पक्ष जांच : थानाध्यक्ष
जाम लगने की सूचना मिलते ही लाडवा थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर कमलदीप राणा मौके पर पहुंच गए और मृतक के परिजनों से बातचीत की। उन्होंने जाम खोले जाने के लिए काफ देर तक उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अड़े रहे। बाद में थानाध्यक्ष ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। जांच के बाद मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि मृतक बूटा ङ्क्षसह की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसके आधार पर भी जांच की जाएगी।
क्या था मामला
मंगलवार सुबह को मृतक बूटा राम घर से किसी क्रिया के लिए निकला था, लेकिन दोपहर तक वापिस नहीं आया था, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट मृतक के परिजनों ने लाडवा पुलिस को दी थी। दोपहर बाद बूटा राम की रेल के नीचे कटकर मरने की सुचना परिजनों के पास पहुंची। बूटा राम की मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन थाने में पहुंचे और न केवल आत्महत्या के पीछे चुनावी रंजिश बताया, बल्कि हत्या करने का आरोप भी लगाया था। मृतक बूटा राम की मंगलवार को करनाल-पानीपत के बीच में गांव दिवान रेलवे टै्रक पर लाश मिली थी।