मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की टीम ने शनिवार देर रात करीब 60 ओवरलोडेड वाहनों के चालान किए। इनमें अधिकतर वाहन रेत व बजरी से भरे हुए थे। शनिवार देर रात मुख्यमंत्री उडन दस्ते की टीम स्थानीय प्रशासन को बिना सूचना दिए लाडवा पहुंची, जहां पर टीम ने लाडवा से गुजरने वाले करीब 60 वाहनों को पकड़ा करके स्थानीय प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि लाडवा से हर रोज सैकड़ों रेत, बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रालियां ओवरलोड होकर गुजरती है। इनकी तरफ भी लाडवा प्रशासन आंखें बंद करे बैठा है। शिकायत के बाद भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। मुख्यमंत्री उड़न दस्ते की टीम में शामिल डीएसपी नरेंद्र कुमार, सिद्धांत डांढा की अध्यक्षता में टीम ने लाडवा से होकर गुजरने वाले करीब 60 ट्रक रेत, बजरी से भरे हुए काबू किए गए। इसमें से 43 ट्रक ओवरलोडेड और नौ वाहन अंडरलोड थे।
इसके अलावा सात अवर लोड ट्रक रादौर क्षेत्र में पकड़े गए थे, जिनको रादौर पुलिस को सौंप दिया गया था। लाडवा में पकड़े गए सभी ओवरलोड वाहनों को लाडवा बस अड्डे में पुलिस की निगरानी में खड़ा किया गया। मौके पर आरटीओ को बुलाकर पकड़े गए वाहनों का वजन करवाकर 15 लाख 16 हजार रुपये का जुर्माना करके चालान किया गया। उधर, लाडवा थाना प्रभारी राजपाल ने कहा की ओवरलोडेड वाहनों की चेकिंग की जिम्मेदारी आरटीए की है। एसडीएम अनिल यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा की प्रशासन कोरोना में व्यस्त है फिर भी समय समय पर प्रशासन ओवरलोडेड वाहनों पर कार्रवाई करता रहता है जबकि इस काम के लिए अलग से एजेंसी है।
कांग्रेस विधायक ने लगाया मिलीभगत का आरोप
कांग्रेस के विधायक मेवा सिंह ने मामले को लेकर कहा कि प्रशासन की मिलीभगत से ओवरलोडेड वाहन दौड़ रहे है। इस गोरखधंधे में स्थानीय प्रशासन भी संलिप्त है। भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।