कुरुक्षेत्र जिले के राइस मिलर्स ने कस्टम मिलिंग से पीछे हटने का फैसला कर लिया है।
लाडवा में मंगलवार देर शाम जिले के राइस मिलर्स और डीलर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में कहा गया कि यदि सरकार उनकी समस्याओं का धान की सरकारी खरीद करने से पहले निपटारा नहीं करती, तो उनके सामने इसके अतिरिक्त कोई चारा नहीं बचेगा।
लाडवा अनाजमंडी धर्मशाला में बैठक राइस मिलर्स व डीलर्स एसोसिएशन के जिला प्रधान प्रमोद धवन की अध्यक्षता में हुई। इसमें सभी मंडियों की राइस एसोसिएशनो के प्रधान और अन्य पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रमोद धवन ने बताया कि वह दो दिन पहले मुख्यमंत्री से मिले थे। उन्हें राइस मिलर्स की वर्ष 13-14 के होल्डिंग चार्जेस, डैमेज कट, वर्ष 11-12 से लगाए गए सेल टैक्स और सिक्योरिटी राशि जैसी मांगों से अवगत कराया गया।
इसमें से सिक्योरिटी राशि 10 लाख रुपए से घटाकर 7 लाख रुपये कर दी गई है। लेकिन, शेष मुख्य मांगों पर कोई फैसला नहीं हुआ है। राइस एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश महासचिव ज्वैल सिंगला ने कहा कि राइस मिलर्स पर होल्डिंग चार्जेज, डैमेज कट और लगाए गए टैक्स ने चावल उद्योग और चावल मिलर्स को तबाह कर दिया है।
चावल उद्योग बंद होने के आसार बन गए हैं। उन्होंने बताया कि आबकारी और कराधान विभाग ने राइस मिलर्स पर सेल टैक्स लगा दिया है। इसकी रिकवरी वर्ष 2011-2012 से वसूलने के आदेश दिए गए हैं। यह पूरी तरह नाजायज है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकारी खरीद शुरू होने से पहले राइस मिलर्स की समस्याओं का समाधान नही किया गया तो राइस मिलर्स मंडियों से धान नहीं उठाएंगे।
इस अवसर पर अमन गुप्ता लाडवा, रणजीत सिंह पिहोवा, पुनीत मित्तल इस्माईलाबाद, रमन बंसल ठोल, राजीव सभ्रवाल कुरुक्षेत्र, सतविंदर सिंह कुरुक्षेत्र ग्रामीण, यशपाल वधवा शाहबाद, विवेक गुप्ता जिला सचिव, राकेश चौधरी कैशियर, वीरेंद्र सिंह, राज खुराना, विमेश गर्ग, अमन गोयल, रिंकू छाबड़ा, सतीश कुमार, सचिन कुमार, राजीव जैन, अशोक खुराना, बीरबल शर्मा आदि राइस मिलर्स उपस्थित रहे।
70 हजार गाड़ियों पर लगाया डैमेज कट
कस्टम मिलर्स को वर्ष 2013-2014 में दिए गए धान में बारिश आदि के कारण डैमेज की मात्रा बहुत ज्यादा थी। इस धान की कस्टम मिलिंग के दौरान सरकार के हस्ताक्षेप से डैमेज कट की मात्रा बढ़ाकर मिलर्स को राहत दी गई थी।
चावल की गाड़ियां लगाते समय भारतीय खाद्य निगम ने प्रत्येक गाड़ी पर करीब 67 सौ रुपये डैमेज कट के काट लिए। इससे राइस मिलर्स को जबरदस्त आर्थिक नुकसान हो रहा है। एक अनुमान के अनुसार प्रदेश भर में 70 हजार चावल की गाड़ियां कस्टम मिलर्स ने भारतीय खाद्य निगम को दी हैं। इन सभी पर डैमेज कट लगाया गया है।