फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेंशन के 1400 रुपये लेने के लिए देने पड़े 600 के खुले

Wed, 30 Nov 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
विज्ञापन
पेंशन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
नोटबंदी की मार जहां हर कोई झेलने को मजबूर हो रहा है वहीं वृद्ध लोग भी इससे बच नहीं पाए है। उन्हें सरकार द्वारा जारी की गई वृद्धावस्था पेंशन लेने के लिए भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। हालात यह है कि अधिकतर बुजुर्ग बैंकों में पेंशन आने के बावजूद इसे हासिल नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें मायूसी के साथ खाली हाथ लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है। अनेक वृद्ध लोगों को उस समय बड़ा झटका लगा जब बैंकों में पेंशन लेने आए तो उन्हें बैंक अधिकारियों ने 1400 रुपये पेंशन लेने के लिए पहले 600 रुपये खुले देने की मांग रख दी। हालांकि कई बैंकों की यही स्थिति बताई जा रही है, लेकिन विशेष तौर पर यह मामला अजराना कलां स्थित पीएनबी शाखा में भी देखने को मिला। जहां वृद्धावस्था पेंशन लेने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन


बैंक में कैश काउंटर पर बैठे कर्मचारी ने वृद्धों को हिदायत दी कि बैंक के पास सिर्फ 2000 रुपये के नोट है। अगर 1400 रुपये पेंशन लेनी है तो उन्हें 600 रुपये खुले लेकर आना होगा। वहीं बैंक अधिकारियों ने भी यही सलाह दी। जिसके उपरांत कई वृद्ध 600 रुपये खुले के इंतजाम करते रहे तो कई बैरंग ही लौट गए। हालांकि बैंक कर्मियों ने बाद में वृद्धों की समस्या को देख तीन-तीन लोगों को एकसाथ जोड़कर पेंशन भी दी। जिन लोगों ने इस प्रकार से पेंशन लेने से इंकार कर दिया तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा जबकि पेंशन लेने के लिए कई वृद्धों को उधार मांगकर भी पैसे लाने पड़े।

बता दें कि अजराना कलां गांव से बैंक 2 किलोमीटर दूर है। वृद्धों को बैंक जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। ऐसे में बैंक में पहुंचे वृद्धों को खुले पैसे लाने के लिए दोबारा 2 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ी। धुंध ज्यादा होने की वजह से वृद्धों को पहले बैंक आने के लिए परेशानी उठानी पड़ी और बाद में खुले पैसों के लिए। जब इस बारे में बैंक कर्मचारियों से बात की तो वो भी बेबस नजर आए। काउंटर पर बैठे कर्मचारी में कहा कि बैंक के पास खुले पैसों की कमी है। इसके चलते ही उन्हें भी वृद्धों को खुले पैसे लाने के लिए सलाह देनी पड़ी। बैंक में दो हजार के ही नोट है ऐसे में 1400 रुपये खुले कहां से दें।
विज्ञापन


क्या कहना है पेंशन धारकों का
पेंशन धारक तेजाराम ने कहा कि पेंशन उन्हीं को मिल रही है, जो 600 रुपये खुले बैंक वालों को दे रहा है। इसलिए मैं खुले 600 रुपये लेकर आया हूं। जिनके पास खुले पैसे नहीं है तो बैंक तीन लोगों को जोड़कर 4200 रुपये दे रहे हैं। ज्ञान चंद का कहना है कि घर पैसे ही नही थे तो पेंशन लेने के लिए खुले 600 रुपये उधार मांगकर लाने पड़े। अब यह सोच रहा हूं कि बैंक 2000 रुपये का नोट देगा तो उनको कहां खुले करवाऊंगा। जिससे उधार लिए हैं उसको 600 रुपये खुले कैसे दूंगा। पेंशन धारक इश्म सिंह बैंक के इस रवैये से काफी नाराज दिखे। इश्म सिंह ने कहा कि लोग तो खुले पैसे लेने बैंक आते हैं यहां उल्टा सिस्टम देखा कि बैंक लोगों से खुले पैसे मांग रहा है। लोगों के पास जो बंधे पैसे थे वो भी बैंक में जमा करा दिए, अब खुले पैसे भी बैंक को देने पड़ रहे है।

खुले पैसे की दिक्कत के चलते कहना पड़ा: मैनेजर
बैंक मैनेजर जरनैल सिंह ने कहा कि बैंक में खुले पैसों की दिक्कत है। इसलिए लोगों को खुले पैसे लाने के लिए कहना पड़ा है। पर ऐसा नहीं है कि हम सबसे खुले पैसे ले रहे हैं।

1000 रुपये के नोट खाते में जमा करने से बैंक ने किया इनकार
गोगपुर निवासी प्रवेश कुमार ने बताया कि जब वह अपने खाते में हजार के नौ नोट जमा कराने गया तो बैंक ने 1000 के नोट लेने से मना कर दिया। बैंक वालों ने कहा कि 1000 रुपये के नोट बैंक नही लेगा। प्रवेश कुमार ने कहा कि वह मजदूरी करने वाला गरीब आदमी है। यह 9000 रुपये मेरी मेहनत की कमाई है जो मैंने पाई पाई कर जोड़ी है। अब बैंक वाले इस जमा करने से इंकार कर रहे है। मामला मीडिया में आने पर इस विषय में जब बैंक मैनेजर से बात की तो बैंक मैनेजर के सुर बदल गए और उन्होंने आधार कार्ड की कापी देकर पैसे जमा कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें