फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेट्रोल पंप पर कैश कार्ड से किया इंकार, कैसे कैशलेस होगा जिला

Mon, 19 Dec 2016 12:26 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव जिला को कैशलेस बनाने के लिए बैठकें आयोजित कर रहे हैं और सरकारी उपक्रम कैश कार्ड से पेमेंट लेने की बजाय कैश ले रहे हैं। ऐसा ही मामला शहर के मुख्य पेट्रोल पंप पर सामने आया है। यहां इंडियन आयल कार्पोरेशन के पेट्रोल पंप पर डीजल और पेट्रोल डलवाने आए उपभोक्ताओं का आरोप था कि पिछले कई दिनों से पेट्रोल पंप पर कैश कार्ड से पेमेंट लेने की बजाय कैश पेमेंट ही ली जा रही है। एक उपभोक्ता के मुताबिक तीन दिन पहले जब वह पेट्रोल डलवाने उक्त पेट्रोल पंप पर गया तो उसके मैनेजर ने सुबह नौ से दस बजे तक ही कैश कार्ड से पेमेंट लेने की बात कही।
विज्ञापन


अमर उजाला ने रविवार को जब शाम साढ़े छह बजे उक्त पेट्रोल पंप पर जाकर जानकारी जुटाई तो बताया गया है बीएसएनएल का नेटवर्क ठप है। इसलिए कैश कार्ड की बजाये कैश लिया जा रहा है। वहीं मौके पर उक्त पेट्रोल पंप के मैनेजर के सामने एक उपभोक्ता ने बताया कि तीन दिन पहले उन्होंने कहा था कि सुबह नौ से सुबह 10 बजे तक ही कैश कार्ड स्वीकार किया जाता है। हालांकि इस उपभोक्ता के आरोप को मैनेजर ने सिरे से खारिज कर दिया। मैनेजर ने कैश कार्ड की पर्चियां दिखाते हुए बताया कि उनका प्रतिदिन पांच लाख रुपये तक की लिमिट है और आज अब तक वे सवा लाख का तेल बेच चुके हैं। इसमें से अधिकांश कैश कार्ड पर ही किया गया है।

रेणुका सदन के सामने स्थित इंडियन आयल कार्पोरेशन के पेट्रोल पंप पर अपनी पत्नी के साथ स्कूटी में पेट्रोल डलवाने आए अंबेडकर चौक मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने कहा कि पिछले 40 दिनों से लोग कैश की वजह से परेशान हैं, कारोबार ठप है, सरकार कैशलेस का प्रचार कर रही है, मगर सरकार के ही उपक्रम इस कैशलेस की नीति की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
विज्ञापन


एनआरआई अजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार करीब आठ बजे अपने भाई के साथ गाड़ी में पेट्रोल डलवाने के लिए छठी पातशाही के सामने स्थित पेट्रोल पंप पर गए थे, लेकिन पेट्रोल पंप कर्मियों ने कैश कार्ड लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने बताया कि संयोगवश ना उनकी जेब में कैश था और ना ही उनके भाई की जेब में, उसके बाद उन्होंने इस पेट्रोल पंप के निकट ही स्थित थीम पार्क के सामने वाले पेट्रोल पंप पर कैश कार्ड से पेट्रोल डलवाया। स्थानीय नागरिक लोकेंद्र कुमार ने बताया कि चार दिसंबर 2016 को उन्होंने शाम 7 बजकर 56 मिनट पर अपनी कार में 2200 रुपये का डीजल थीम पार्क के सामने स्थित पेट्रोल पंप से डलवाया था, लेकिन इससे पहले वह
छठी पातशाही के सामने स्थित इंडियन आयल कार्पोरेशन के पैट्रोल पंप पर ही गए थे। इस पेट्रोल पंप के कर्मियों ने कैशकार्ड लेने से साफ इंकार दिया था।

ये है आईओसी के सेल्ज मैनेजर की प्रतिक्रिया
इस बारे में आईओसी के सेल्स मैनेजर मयंक गुप्ता ने माना कि उनके पास भी ऐसी शिकायतें आई थी। जब उन्होंने पेट्रोल पंप डीलर से इसकी जानकारी ली तो उन्होंने बताया था कि बैंक की लिमिट एक लाख रुपये तक ही है, इसकी वजह से वह एक लाख तक पेमेंट का ही कैशकार्ड पर डीजल-पेट्रोल बेच सकते हैं। गुप्ता के मुताबिक उन्होंने पिछले दिनों बैंक से बात करके इस लिमिट को खत्म करा दिया था, लेकिन आज ऐसा क्यों हुआ, इसके बारे में वह पता करके ही बताएंगे। कुछ देर के बाद सेल्स मैनेजर ने बताया कि उक्त पेट्रोल पंप के पास केबल वाली मशीन है, जिसके नेटवर्क में परेशानी के चलते उन्होंने एसबीआई से वायलेस वाली मशीन की डिमांड भेजी हुई है।

डीसी ने लिया संज्ञान
राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन ने 15 दिसंबर को कुरुक्षेत्र पंचायत भवन में जिला को कैशलेस बनाने के लिए अधिकारियों की बैठक ली थी। इसमें डीसी, एडीसी, सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे थे, मगर इन हालात में जिला कैसे कैशलेस कैसे होगा? जब यह सवाल कुरुक्षेत्र की डीसी सुमेधा कटारिया से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस मामले पर गौर करते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला उनके अभी संज्ञान में आया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें