पीएनबी में हुई लूट अचानक की गई वारदात नहीं है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चारों बदमाशों ने महज दो मिनट और 13 सेकंड में ही साढ़े पांच लाख रुपये की लूट की और बगैर रोक-टोक के फरार भी हो गए। जिस रफ्तार और जिस तरीके से बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया है, उससे शक जाहिर होता है पहले कई बार बैंक की रेकी की गई है। हालांकि अब चर्चा यह भी की जा रही है कि बैंक का ही कोई व्यक्ति इस वारदात में शामिल हो सकता है। हालांकि पुलिस इस मामले में फिलहाल ज्यादा कुछ नहीं कह रही है।
बैंक के बाहर और अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग ने पुलिस को भी चौका दिया। सीसीटीवी फुटेज जब खंगाली गई तो देखा कि चारों बदमाश बगैर नंबर की मोटर साइकिलों पर दोपहर 3 बजकर 19 मिनट और 26 सेकंड पर बैंक के बाहर आए। अंदर उन्होंने एक ग्राहक पर पिस्तौल भी रखी। कैशियर के काउंटर से रुपये भी उठाए। एक कर्मचारी को घायल भी किया और बैंक मैनेजर को भी पिस्तौल के दम पर पकड़कर लॉकर रूम में भी लेगए और वहां से रुपये लूट कर बाहर भी आ गए। इस सारी कार्रवाई को अंजाम देकर यह चारों बदमाश दोपहर 3 बजकर 21 मिनट और 39 सेकंड में बैंक से बाहर आ गए। यानी कुल दो मिनट और 13 सेकंड में ही सारी वारदात को अंजाम दे दिया गया।
कुल चार कर्मचारी थे बैंक में
बताया जाता है कि बैंक में मैनेजर, कैशियर, प्यून और एक अन्य सहित कुल चार कर्मचारी थे। इसके अलावा कुछ ग्राहक भी मौजूद थे। लेकिन चारों बदमाशों के हाथों में पिस्तौल (देसी कट्टे) देखकर सभी सहम गए। बैंक कर्मी अमित को पिस्तौल की बट मारने के बाद सभी का हौसला वैसे भी पस्त हो गया था।
जरा भी खौफ नहीं था बदमाशों में
जिस अंदाज में और जिस ढंग से वारदात को अंजाम दिया गया। उससे साफ अंदेशा जताया जा रहा है कि बदमाशों ने बैंक की पूरी रेकी करने के बाद ही वारदात को अंजाम दिया है। बदमाशों को सीसीटीवी कैमरे की भी जानकारी रही होगी। क्योंकि सभी मुंह पर कपड़ा बांधे हुए थे। सुरक्षा गार्ड नहीं होने की भी जानकारी थी। जिसके चलते बड़े आराम से घटना को अंजाम दिया गया। खास बात यह है कि बैंक में दाखिल होने से लेकर लूट की घटना को अंजाम देने के बाद बाहर आने तक चारों में से किसी को भी जरा सा भी खौफ नहीं था। चारों बड़े आराम से बैंक में दाखिल हुए। इसके बाद बाहर भी आराम से ही निकले। अंदर भी वारदात को अंजाम देेते वक्त पूरी तरह मुतमईन नजर आ रहे थे।
गार्ड रखने का फैसला आला अधिकारी लेते हैं
ब्रांच हाई सिक्युरिटी ब्रांचेज में शामिल नहीं है। इसलिए यहां सुरक्षा गार्ड भी नहीं हैं। गार्ड रखने का फैसला रीजन के आला अधिकारी लेते हैं कि किस ब्रांच में रखना है या नहीं रखना है। हेड कैशियर राजेंद्र कुमार के काउंटर पर जितना रुपया रखा था सब ले गए। जबकि कैश सेफ से करीब तीस हजार रुपये ले गए हैं। कुल करीब साढ़े पांच लाख रुपये चारों बदमाश लूट कर ले गए हैं।
- ओडी शर्मा, बैंक मैनेजर, पीएनबी, मिर्जापुर शाखा