श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर हरियाणा का सिख समाज भी रविवार को सड़कों पर उतर आया।
सिख समाज ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और जाम लगाया। इस दौरान वे आरोपियों की गिरफ्तार की मांग कर रहे थे। समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और भी तेज कर दिया जाएगा।
पिहोवा के श्री गुरुद्वारा साहिब सचखंड ईशर दरबार जुरासी खुर्द के संत बाबा मान सिंह की अध्यक्षता में रविवार को बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से रोष मार्च निकाला। इसके बाद सभी ने पिहोवा चौक पर धरना दिया।
सिख समुदाय ने प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार और डीएसपी को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि धार्मिक ग्रंथों का अपमान करने वालों को फांसी की सजा दी जाए। इससे पहले तय कार्यक्रम के तहत संत बाबा मान सिंह की अगुवाई में सिख समाज के लोग करीब पांच किमी पैदल चल कर पिहोवा चौक पर पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने कुछ समय के लिए पटियाला-हिसार मार्ग और पिहोवा-कुरुक्षेत्र मार्ग पर जाम भी लगाया। लेकिन, बाबा मान सिंह की अपील पर जाम को तुरंत खोल दिया गया। धरने पर बैठ समाज के लोग गुरु का नाम जपते रहे।
‘दोषियों को नहीं कर कर सकते क्षमा’
संत मान सिंह ने सिख समाज को संबोधित करते हुए कहा की भारत में सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है, लेकिन जिसने यह काम किया है, उसे क्षमा नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि सरकार को एक कानून बनाना चाहिए, जिससे धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वाले के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि इस मामले के दोषी को तुरंत गिरफ्तार कर फांसी दी जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी धार्मिक ग्रंथ के साथ बेअदबी करने वाले को केवल फांसी की सजा होनी चाहिए। इसके लिए वे सिख समाज और अन्य धर्मों के सदस्यों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और कानून बनाने की भी अपील करेंगे।
पुलिस ने की रही सख्त सुरक्षा
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वाहनों को जाम से निकालने के लिए पुख्ता प्रबंध किए थे। इस वजह से कुछ समय के लिए ही जाम लगा। इस दौरान सभी वाहनों को वन-वे कर निकाल दिया गया। कई स्थानों पर वाहनों के रास्ते भी बदले गए।
गुरु ग्रंथ साहिब सभी धर्मों का प्रेरणा स्रोत
बाबा मान सिंह ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब केवल सिखों के लिए ही नहीं, अन्य धर्मों के लिए भी प्रेरणा स्रोत है। कुछ शरारती तत्वों द्वारा गुरु सिखों को लड़ाने के लिए रची गई साजिश के सामने पंजाब सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। इसे सिख कौम सहन नहीं करेगी। प्रदर्शन में संत बाबा मंजीत सिंह, बाबा मनी सिंह, बलकार सिंह, कश्मीर सिंह आदि महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया।
गुरुद्वारा छठी पातशाही के सामने रोष मार्च आज
पिहोवा के डेरा उदासीन ब्रहम अखाड़ा मांडी की ओर से श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के विरोध में सोमवार को कुरुक्षेत्र स्थित गुरुद्वारा छठी पातशाही के सामने रोष मार्च निकाला जाएगा। डेरा संस्थापक संत बाबा गुरविंद्र सिंह ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब में गीता, कुरान, बाइबल आदि धार्मिक ग्रंथों का समावेश है।
इसकी रक्षा के लिए अनेक सिखों ने अपनी कुर्बानियां दी हैं। कुछ शरारती तत्वों ने इस पावन स्वरूप से बेअदबी कर सभी धर्मों को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि डेरा इसका विरोध करता है और पंजाब सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों का पता लगाने की मांग करता है। इसी मांग के समर्थन में कुरुक्षेत्र में रोष मार्च निकाला जाएगा। इसमें हजारों की संख्या में सिख और दूसरे धर्मों के लोग भाग लेंगे।