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आरोपियों की गिरफ्तारी तक नहीं करेंगे अंतिम संस्कार

Sun, 26 Jul 2015 12:28 AM IST
कुरुक्षेत्र/अमर उजाला ब्यूरो
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खंड के एक गांव में छह माह पहले दुष्कर्म की शिकार नाबालिग द्वारा बृहस्पतिवार को खुद को आग लगाकर आत्महत्या करने के बाद शनिवार को पूरा दिन उसके अंतिम संस्कार करवाने के लिए पुलिस प्रशासन माथापच्ची करता रहा।
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पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया था, लेकिन परिजनों व रिश्तेदारों ने मृतका के शव को गांव की ही चौपाल में रखकर अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया।

मृतका के दादा, दादी, मां व नाना ने शनिवार सुबह ही कह दिया था कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वह संस्कार नहीं करेंगे। मामले को बिगड़ता देख एसपी ने मृतका के परिजनों को बुलाकर समझाने का प्रयास भी किया और उचित कार्रवाई का आश्वासन भी दिया, लेकिन मृतका के परिजन इसी बात पर अड़े रहे कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा वह संस्कार नहीं करेंगे।
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बाद में परिवार के लोगों के साथ साथ काफी संख्या में ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गांव बड़शामी में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

समाचार लिखे जाने तक मृतका के परिजनों ने शव को गांव की चौपाल में रखा हुआ था। परिजनों ने साफ अल्टीमेटम दे दिया था कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं मृतका के रिश्तेदारों, गांववासियों व प्रशासन द्वारा परिजनों को अंतिम संस्कार करने के लिए मनाने का प्रयास जारी था।   

शव को चौपाल में रख पुलिस के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
मृतका का शव शनिवार दोपहर बाद करीब तीन बजे पीजीआई चंडीगढ़ से गांव बडशामी लाया गया तो परिजनों ने शव को घर पर उतारने से मना कर दिया, इसके बाद शव को पिछड़ा वर्ग की चौपाल में ले जाया गया।

चौपाल में शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर बॉक्स का प्रबंध किया गया था, जिसमें शव को रख दिया गया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की व चेतावनी देते हुए कहा कि आरोपियों को गिरफ्तारी से पहले लड़की के शव का अंतिम संस्कार किसी भी हालत में नहीं करेंगे।

गांव में भारी पुलिस बल तैनात
मृतका के परिजनों द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार न करने की जिद के चलते पुलिस प्रशासन ने गांव में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया।

पुलिस को अंदेशा था कि मृतका के परिजन शव के साथ कुरुक्षेत्र-सहारनपुर मार्ग पर जाम लगा सकते हैं, जिससे निपटने के लिए गांव के बाहर कुरुक्षेत्र-सहारनपुर मार्ग पर डीएसपी नूपुर बिश्नोई भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रही तो गांव में मृतका के घर व चौपाल जहां शव रखा गया था, लाडवा थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे।

इसके अतिरिक्त गांव में नायब तहसीलदार साहब सिंह, बीडीपीओ कंवरभान नरवाल, इंस्पेक्टर राम कुमार सहित अनेक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।  

एसपी व थाना प्रभारी से मिले परिजन
शनिवार को सुबह मृतका के दादा, दादी, मां, नाना सहित अनेक रिश्तेदार एसपी से कुरुक्षेत्र में उनके कार्यालय में मिले और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

उन्होंने एसपी को स्पष्ट कर दिया कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसके बाद परिजन लाडवा थाने में पहुंचे और लाडवा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अजय दिसौदिया से मिले और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग दोहराई।

मृतका की दादी ने कहा कि वे एक बार पहले भी पुलिस से धोखा खा चुके हैं और इस बार आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले कोई बात मानने को तैयार नही हैं। थाना प्रभारी ने परिजनों को आश्वासन दिया की निष्पक्ष जांच होगी व जो भी आरोपी होंगे उनको गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।

ये था मामला
गांव बड़शामी में 20 फरवरी को नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया था, जिसकी शिकायत लाडवा थाने में दी गई थी। शिकायत के आधार पर उस समय पुलिस ने प्रवीण कुमार, मंगत राम, राम कुमार व राजेश के खिलाफ दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया था।

उस समय पुलिस ने प्रवीण व मंगत राम को तो गिरफ्तार कर लिया जो फिलहाल जेल में बंद है। वहीं अपनी जांच में राजेश व राम कुमार को बाहर निकाल दिया था। मृतका के परिजनों ने बाहर घूम रहे राजेश व राम कुमार की गिरफ्तारी के लिए मार्च माह में दो आरोपियों को छोड़ने के आरोप में प्रदर्शन भी किया था।

बृहस्पतिवार देर सायं को पीड़ित लड़की ने स्वयं पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा ली थी, जो चंडीगढ़ पीजीआई में दाखिल थी, जिसकी शुक्रवार दोपहर को करीब 3 बजे मृत्यु हो गई थी।

तानों और मारपीट से तंग आकर लगाई थी खुद को आग
मृतका पीड़ित नाबालिग लड़की के दादा ने पुलिस को शिकायत में बताया था कि बृहस्पतिवार को उसकी पोती ने तानों व दबाव बनाने से दुखी होकर अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा ली। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को सभी परिजन मजदूरी करने के लिए बाहर गए हुए थे।

पीड़ित लड़की घर पर अकेली थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपी राजेश, उसका पिता केसर, मां पदमावती, पत्नी हरजिंद्र कौर, भाई पुच्चू, बेटा बिल्ली, कांता, व आरोपी राम कुमार निवासी बचगांवा गामड़ी घर में घुस गए और उसको मारपीट कर केस उठाने का दबाव बनाया व ताने देकर उसे बदनाम करने की बात कही, जिससे परेशान व दुखी होकर उसने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली।

लाडवा पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन लड़की की मौत हो जाने से पुलिस ने उसका पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव वारिसों को सौंप दिया था।
 
सड़क हादसे में एक की मौत
लाडवा। खंड के गांव बड़शामी के पास बृहस्पतिवार को सड़क दुर्घटना  में घायल युवक की शुक्रवार को देर मौत हो गई। पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।

जानकारी के अनुसार रिंकू निवासी गांव बीड़ कालवा बृहस्पतिवार को लाडवा-रादौर मार्ग पर गांव बड़शामी के निकट सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल को उपचार के लिए चंडीगढ़ पी.जी.आई. भेजा गया था। शुक्रवार रात को घायल रिंकू की मौत हो गई।

जांच अधिकारी एएसआई सुरजीत  सिह ने शनिवार को मृतक रिंकू के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा दिया है।

जाम लगाने जा रहे मृतका के परिजनों को पुलिस ने रास्ते में रोका
नाबालिग मृतका के परिजनों और रिश्तेदारों ने शव को चौपाल में छोड़कर शाम छह बजे कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग जाम लगाने की रणनीति बनाई।

इसके बाद सभी लोग लोग हाईवे की ओर चल दिए। यह देख गांव में तैनात पुलिस बल ने लोगों को गांव के रास्ते में ही रोक लिया। इसकी जानकारी होते ही थानेसर के एसडीएम सतबीर सिंह कुंडू, शाहाबाद के डीएसपी गुरमेल सिंह मौके पर पहुंच गए और परिजनों को समझाया।

करीब आधा घंटे बाद प्रशासन लोगों को जाम न लगाने के लिए राजी कर सके। हालांकि, देर रात तक परिजनों ने मृतका के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया था। प्रशासनिक अधिकारी परिजनों को मृतका के शव का संस्कार करवाने के लिए मनाने का प्रयास करते रहे।

समाचार लिखे जाने तक मृतका का संस्कार नहीं हुआ था। परिजन और रिश्तेदार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे। नायब तहसीलदार साहब सिंह, बीडीपीओ कंवरभान नरवाल, इंस्पेक्टर राम कुमार, लाडवा थाना प्रभारी अजय दिसौदिया आदि गांव में ही मौजूद रहे।
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