शहर के प्रमुख उद्योगपति जयभगवान सिंगला के बेटे आदित्य सिंगला उर्फ हन्नी के अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता मिलने का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि फिरौती के रूप में दिए दो करोड़ रुपये में से करीब पौने दो करोड़ रुपये करनाल के सेक्टर-6 स्थित मुख्य आरोपी के घर से रविवार सुबह बरामद कर लिए हैं।
पुलिस को सरगना के पिता ने ही सूचना दी कि कोई उनके घर में रुपयों से भरा बैग फेंक गया है। सरगना के पिता करनाल में आर्किटेक्ट हैं। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित 3 नामों का खुलासा कर दिया है। गिरोह को गिरफ्तार करने के लिए 30 टीमें हरियाणा के अलावा आसपास के राज्यों में लगातार दबिश दे रही हैं।
एसपी सिमरदीप सिंह ने रविवार को देर शाम पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सपड़ा कॉलोनी निवासी उद्योगपति जयभगवान सिंगला के बेटे आदित्य सिंगला उर्फ हन्नी का 23 अगस्त की रात को 10 बजकर 5 मिनट पर कुछ बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। उस समय हन्नी भोजन करने के बाद घर के बाहर घूम रहा था। उसको छोड़ने के लिए चार करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई।
पुलिस ने परिवार वालों से मिलकर आदित्य को सही सलामत छुड़वाने की बात सामने रखी। पुलिस ने निर्धारित योजना के अनुसार 48 घंटों के अंदर बदमाशों पर दबाव बनाकर आदित्य को सुरक्षित छोड़ने पर मजबूर कर दिया और हन्नी सुरक्षित घर लौट आया था। इसके पश्चात पुलिस ने बदमाशों की तलाश के लिए 30 टीमों का गठन किया। पुलिस ने बदमाशों की पहचान उसी समय कर ली थी जब फिरौती की रकम का करनाल और मधुबन के बीच लेन-देन हुआ था। इस लेन-देन के आधे घंटे बाद ही पुलिस ने मुख्य आरोपियों के घर दबिश दे दी थी, लेकिन इसकी सूचना भी आरोपियों तक पहुंच गई थी।
करनाल का निवासी है सरगना
एसपी सिमरदीप सिंह ने बताया कि अभी तक जांच पड़ताल के दौरान गिरोह का सरगना सेक्टर-6 करनाल निवासी अनिल मित्तल है। उसके साथी करनाल के अमरगढ़ माजरा गांव का सुखबीर और कुरुक्षेत्र के शांति नगर निवासी कमल सैनी है। सुखबीर वर्तमान में करनाल के सेक्टर-7 में रहता था। इनके अलावा कुरुक्षेत्र के गांव अमीन और करनाल के भी 5-6 आरोपी शामिल हैं। गिरोह के सभी सदस्य 25 से 30 वर्ष की आयु के हैं।
जिस बैग में लिए थे रुपये उसी में बरामद
बदमाशों को जिस बैग में फिरौती के दो करोड़ रुपये सौंपे गए थे, उसी बैग में सारे रुपये बरामद हुए हैं। यह बैग पुलिस की सलाह पर परिजन लेकर गए थे। पुलिस ने यह बैग गिरोह के सरगना अनिल मित्तल के आवास से ही बरामद किया है। पुलिस के लगातार दबाव के बीच ही बदमाश इतनी सारी रकम लेकर नहीं जा पाए।
वकालत कर चुका है आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरोह का किंगपिन अनिल मित्तल कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ही एलएलबी कर चुका है और उसके बाद कोई काम नहीं करता था। वहीं, सुखबीर और कमल सैनी भी उसके नजदीकी दोस्त ही बताए जा रहे हैं।
पुलिस टीम को दिया एसपी ने श्रेय
एसपी ने बताया कि अपहरण वाले आरोपियों की पहचान करने, फिरौती में गई रकम की बरामदगी समेत सभी तरह की जांच के लिए सिटी थाना प्रभारी रामकुमार, सीआईए-2 प्रभारी अमन, सीआईए-1 इंचार्ज दीपेंद्र राणा, शाहाबाद थाना प्रभारी राजेश कुमार और अन्य पुलिस कर्मियों ने अहम रोल अदा किया है। पुलिस टेलीफोन कॉल्स और रविवार को सुबह सेक्टर-6 करनाल में फिरौती की रकम छोड़ने वाले आरोपी की पहचान के बाद से ही इस गिरोह के तमाम सदस्यों का पता लगाने में कामयाब हुई है।
इस गिरोह का पर्दाफाश करने में जुटी 30 टीमें हरियाणा व आसपास के राज्यों में दबिश दे रही हैं। गिरोह के सदस्यों को पकड़ने के बाद ही इस मामले की सही तस्वीर सामने आएगी। पुलिस को उम्मीद है कि गिरोह के सदस्यों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यह है मामला
23 अगस्त की रात को 10 बजकर 5 मिनट पर जब सपड़ा कॉलोनी निवासी जयभगवान सिंगला का बेटा आदित्य सिंगला भोजन करने के बाद घर के बाहर घूम रहा था। इसी दौरान अपहरणकर्ताओं ने उसके सिर पर काला कपड़ा डाल लिया और उसे गाड़ी में डालकर ले गए थे।
बदमाशों ने उसे करनाल के एक मकान में बंधक बनाकर रखा। अपहरण का खुलासा करीब 50 मिनट बाद उस समय हुआ जब बदमाशों ने हन्नी के मोबाइल से उसके पिता को फोन कर फिरौती के रूप में चार करोड़ रुपये की मांग की। मंगलवार की रात को बदमाशों के कहने पर उसके पिता दो बैगों में रुपये भरकर ले गए और आरोपियों को करनाल और मधुबन के बीच सौंप दिए।
फिरौती मिलने के कुछ देर बाद ही बदमाश हन्नी को करनाल के नमस्ते चौक पर छोड़कर चले गए और उसे किराये के लिए 150 रुपये भी दिए। इसके बाद वह बस में पिपली तक पहुंचा और किसी के मोबाइल से घर पर फोन किया तो परिजन उसे लेकर घर वापस पहुंचे।