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रेनू को न्याय के लिए चलेगा ज्वाइंट मूवमेंट

Fri, 23 Dec 2016 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
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रेनू मित्तल को न्याय दिलाने और आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर इनकी गिरफ्तारी के लिए सामाजिक संगठनों ने ज्वाइंट मूवमेंट चलाने का ऐलान किया है। यदि शुक्रवार तक भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो शनिवार को थाने का घेराव होगा और सोमवार को अनशन पर बैठेंगे, अगर फिर भी कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
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कांग्रेस के जिला कार्यवाहक अध्यक्ष विशाल सिंगला, जन संघर्ष मंच हरियाणा की प्रदेश उपाध्यक्ष सुदेश कुमारी एडवोकेट और  लोक स्वराज ट्रस्ट के प्रधान रघुबीर गर्ग के अनुसार रविवार को स्थानीय राजेंद्र नगर में रहने वाले जन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सतीश मित्तल के घर में जो हुआ वह किसी आतंक से कम नहीं है। इन्होंने कहा कि वायरल हुई वीडियो से पुलिस के चारों मुलाजिम बेनकाब हो चुके हैं, पर इसके बावजूद पुलिस विभाग पीड़ित परिवार की शिकायत पर एफआईआर तक दर्ज नहीं कर रही है। सुदेश कुमारी एडवोकेट ने पुलिस विभाग की निंदा करते हुए सवाल किया कि पुलिस थाने और महिला पुलिस थाने जनता के लिए हैं या पुलिस वालों की शिकायतों पर ही मामले दर्ज करने के लिए खोले गए हैं।
जन संघर्ष मंच हरियाणा की प्रदेश उपाध्यक्ष सुदेश कुमारी ने कहा कि नियमानुसार 154 सीआरपीसी के तहत पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करती है। बावजूद इसके रेनू मित्तल की शिकायत के चौथे दिन तक अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई, जबकि महिला आयोग की उपाध्यक्ष इस मामले पर कड़ा संज्ञान लेते हुए चारों पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कह चुकी है। वहीं सिंगला ने कहा कि बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार कुरुक्षेत्र में एक बेटी पर बरती गई पुलिस की बर्बरता पर अब तक चुप है। सरकार ने चारों पुलिस वालों को सस्पेंड करके अब तक इस मामले पर सिर्फ लीपापोती की है। लोक स्वराज ट्रस्ट के प्रधान रघुबीर गर्ग ने बताया कि शुक्रवार को इस मामले को लेकर सामाजिक और राजनैतिक संगठनों के प्रतिनिधि एसपी अभिषेक गर्ग से मिलकर आरोपियों पर कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग रखेंगे।
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आज सवा घंटे महिला आयोग ने की बात
वीरवार को हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष कमलेश पांचाल के समक्ष दोनों पक्षों ने अपना-अपना पक्ष रखा।  यहां शाम चार बजे से सवा पांच बजे तक महिला आयोग की अध्यक्ष ने पीड़िता रेनू और उनके परिवार के सदस्यों के अलावा चारों पुुलिस वालों के बयान लिए। इस मौके पर रेनू के बयान लिए गए। रेनू ने अपनी व्यथा सुनाई और इंसाफ की मांग की। कुरुक्षेत्र पहुंचने पर उन्होंने बताया कि हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष कमलेश पांचाल ने पुलिस वालों को लताड़ते हुए आरोपी चारों पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके पीड़ित पक्ष और आयोग को कापी देने को कहा है।

गांव-गांव,वार्ड-वार्ड दिखाई जाएगी वीडियो
रघुबीर गर्ग के अनुसार वीरवार हरियाणा महिला आयोग के दफ्तर में अपना पक्ष रखते हुए पुलिस ने वायरल हुई वीडियो को झूठा करार दिया। इनका कहना था कि वीडियो में उनके ऊपर हुए हमले की रिकार्डिंग को प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर महिला आयोग ने पुलिस को कहा कि अगर पुलिस के पास उनके ऊपर हुए हमले की कोई रिकार्डिंग है तो वह आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जा सकती है,ताकि पुलिस की सच्चाई भी सामने आ सके। गर्ग के अनुसार उक्त वीडियो को जिसने भी देखा,उसमें पुलिस के इस व्यवहार के प्रति गुस्सा है। वहीं अगर फिर भी पुलिस को इस वीडियो पर यकीन नहीं होता तो उनका संगठन वार्ड-वार्ड और गांव-गांव जाकर इस वीडियो को दिखाएगा,ताकि लोगों की राय ली जा सके कि ये वीडियो झूठी है या इसमें सच दिख रहा है।

सबूत के बावजूद दर्ज क्यों नहीं की एफआईआर
रेनू  मित्तल, सतीश मित्तल, नीलम मित्तल और प्रवीण मित्तल के अलावा कांग्रेस कार्यवाहक जिलाध्यक्ष विशाल सिंगला और लोक स्वराज ट्रस्ट के प्रधान रघुबीर गर्ग मौजूद रहे। कांग्रेसी नेता
 सिंगला ने महिला आयोग के समक्ष थाना सिटी के एसएचओ केवल सिंह को कहा कि अगर पुलिस की एफआईआर बगैर प्रूफ की दर्ज की गई थी,तो रेनू मित्तल और उसके परिवार पर बरती गई बर्बरता की पूरी रिकार्डिंग प्रूफ के बावजूद एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की जा रही ? इस पर महिला आयोग की अध्यक्ष कमलेश पांचाल ने सिंगला को कहा कि पीड़ित पक्ष की जो भी शिकायत वो आयोग के समक्ष रखी जाए, पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए आयोग कहेगा।
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