श्री कृष्ण राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएएमएस फाइनल वर्ष की छात्रा ने रविवार देर रात अपने कमरे में पंखे से लटक कर जान दे दी। कामकाजी महिला छात्रावास में रह रही अन्य लड़कियों ने दरवाजा भीतर से बंद देखकर शोर मचाया तो वार्डन को जानकारी हुई।
दरवाजा तोड़कर जब तक लोग अंदर पहुंचे, तब तक छात्रा दम तोड़ चुकी थी। छात्रा मूल रूप से रोहतक के प्रेम नगर की निवासी थी। उसके फाइनल प्रॉब की परीक्षा मंगलवार से शुरू होनी थी। सूचना पर थाना शहर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सोमवार को छात्रा का शव पोस्टमार्टम के बाद वारिसों को सौंप दिया। वे दोपहर बाद शव रवाना हो गए।
मामले के अनुसार श्रीकृष्णा राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज की छात्राओं ने महिला कामकाजी छात्रावास में कमरे ले रखे हैं। रविवार को रात में 10 बजे के करीब एक छात्रा ने एएमएस फाइनल प्रॉब की छात्रा प्रियंका रावल का कमरा बंद देखा।
उसे अनहोनी की आशंका हुई तो उसने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उसने हॉस्टल की वार्डन निर्मला देवी को पूरे मामले की जानकारी दी। देखते ही देखते सभी छात्राएं वहां एकत्र हो गईं। सभी ने छात्रा के कमरे का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो छात्राओं ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर प्रियंका पंखे पर लटकी मिली।
छात्राओं और वार्डन स्टाफ ने मिलकर प्रियंका को नीचे उतारा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। हॉस्टल वार्डन ने मामले में तुरंत पुलिस और छात्रा के परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना शहर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रा के शव का पंचनामा कर कब्जे में लिया। मौके पर पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है।
पिता की मौत से थी आहत, लिखा मैं भी जा रही हूं ...
पुलिस को मिले सुसाइड नोट में छात्रा ने अपनी मौत के लिए किसी को दोषी नहीं ठहराया है। मामले के जांच अधिकारी एसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में कम ही शब्द लिखे हैं। छात्रा मानसिक रूप से परेशान थी। इनमें छात्रा ने बताया कि वह बहुत तंग आ चुकी है।
भगवान मेरे पिता को भी ले गए हैं। मां मुझे माफ करना, मैं भी जा रही हूं। बड़ी बहन और छोटे भाई को संबोधित करते हुए उन्हें प्यार से रहने को कहा है। बताया जा रहा है कि प्रियंका के पिता जयपाल की करीब पांच वर्ष पहले मौत हो गई थी। प्रियंका की मौत से आहत परिजन सदमे में हैं। वहीं, हॉस्टल में साथ रह रही छात्राएं भी प्रियंका की इस हरकत से काफी आहत हैं।
मरने से पहले की थी मां से बात
बताया जा रहा है कि पिता की मौत से आहत प्रियंका लोगों की निगाह में बेहद हंसमुख थी, लेकिन अपनी मां से बहुत बातें करती थीं। प्रियंका ने फांसी लगाने से पहले अपनी मां से मोबाइल पर बहुत देर बात की थी। उसमें उसने अपनी परेशानियां भी साझा की थी।
हॉस्टल की वार्डन निर्मला देवी ने बताया कि उसकी मां से बहुत देर बात हुई थी। वह काफी हंसमुख थी और कभी कोई चेहरे पर गम दिखाई भी नहीं दिया। लेकिन, उसकी मां ने बताया है कि वह पिता की मौत से काफी परेशान रहती थी और परीक्षाओं का भी दबाव तो था ही। वह कुछ बीमार भी चल रही थी।
बीएएमएस अंतिम वर्ष की एक छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी है। छात्रा का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। छात्रा ने सुसाइड नोट में किसी को भी अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। मौत के पीछे मानसिक रूप से परेशानी ही सामने आ रही है।
महेंद्र सिंह, एसआई, थाना शहर, कुरुक्षेत्र।