प्याज की बढ़ती जा कीमतों पर अंकुश लगाने और प्याज की कालाबाजारी रोकने के लिए मंगलवार को मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने कुरुक्षेत्र में कई स्थानों पर छापे मारे।
इससे सब्जी के थोक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। छापेमारी के दौरान सामने आया कि कोल्ड स्टोरों में हजारों क्विंटल प्याज जमा है। कई जगहों पर तो प्याज अंकुरित तक होने लगी है। प्याज की कीमतों में आए भारी उछाल के बाद लोगों का बजट बिगड़ने लगा है। यह कार्रवाई एसडीएम थानेसर के निर्देशों पर मार्केट कमेटी ने की है।
एसडीएम थानेसर सतबीर कुंडू के निर्देश पर मंगलवार को दोपहर बाद मार्केट कमेटी सचिव और सुपरवाइजरों ने इलाके में आने वाले कोल्ड स्टोर और मंडियों में छापामारी की। इस दौरान थानेसर और पिपली मंडी के सचिव दिनेश श्योकंद को पिपली मंडी में हालात चौंकाने वाले मिले।
यह मंडी आलू प्याज की उत्तर भारत की सबसे बड़ी मंडी के रूप में जानी जाती है। उन्होंने पिपली स्थित अंटवाल कोल्ड स्टोर में छापा मारा। वहां उन्हें प्याज के पांच हजार से ज्यादा बैग मिले। इसके साथ ही उमरी स्थित कोल्ड स्टोर में भी छापा मारा।
यहां उन्हें प्याज के 700 से ज्यादा बैग मिले। इसके बाद टीम ने रिकॉर्ड को कब्जे में ले लिया। इस बात की जांच की जा रही है कि स्टॉक की हुई प्याज किसकी है। मार्केट कमेटी अधिकारियों की छापामारी के बाद जमाखोरों और थोक विक्रेताओं में हड़कंप मच गया।
थानेसर मंडी में भी कई दुकानों पर प्याज के बड़ी संख्या में बैग दिखाई दिए।
प्याज महंगी, अनार और सेब सस्ते
प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं। आम लोगों की रसोई से प्याज गायब होने लगी है। हालात ये हैं कि मार्केट में प्याज की तुलना में अनार सस्ते हैं।
फिलहाल मार्केट में प्याज की कीमत 70 से 80 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गई है, जबकि अनार 100 रुपये में दो से तीन किग्रा तक मार्केट में मिल रहा है। कुछ ऐसे ही हाल सेब के साथ भी है। सेब भी बाजार में 40 से 50 रुपए प्रति किग्रा तक मिल रहा है।
एसडीएम थानेसर के आदेशानुसार छापे मारे जा रहे हैं। एक कोल्ड स्टोर में प्याज की पांच हजार, जबकि दूसरे में करीब 700 बोरियां मिली हैं। स्टॉक की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम और डीएफएससी को भेजी जाएगी।
दिनेश श्योकंद, सचिव, मार्केट कमेटी, थानेसर।
मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने कार्रवाई की है। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत गेहूं, चावल, दाल आदि के स्टॉक रखने की लिमिट होती है। लेकिन, प्याज को लेकर कोई ऐसा नियम नहीं है कि कितना स्टॉक रखा जाए और कितना नहीं। फिर भी छापे मारे जा रहे हैं।
प्रेम कुमार, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, कुरुक्षेत्र।
थानेसर, पिपली और लाडवा मंडियों के सचिवों के साथ मंडी सुपरवाइजरों को प्याज का स्टॉक चेक कर शाम तक रिपोर्ट करने के लिए कहा है। उनका कहना है कि सभी मंडियों में जांच कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जाएगा।
सतबीर कुंडू, एसडीएम, थानेसर।