कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयू) में एससी की सीट पर छात्रा द्वारा एडमिशन लेने और डिग्री पूरी करने का मामला अब छात्रा की गले की फांस बनने वाला है। रजिस्ट्रार ने कंट्रोलर ऑफ एग्जाम से ऐसे मामलों पर कार्रवाई के लिए यूनिवर्सिटी के रूल्स क्या कहते हैं, बाबत रिपोर्ट मांग ली है।
काबिलेजिक्र है कि छात्रा द्वारा फर्जी कागजात के आधार पर डिग्री पूरी करने की खबर प्रकाशित होने के बाद यूनिवर्सिटी में खलबली मची हुई है। अधिकारी से लेकर कर्मचारी भी दांतों तले उंगली दबाए बैठे हैं कि आखिर फर्जी सर्टिफिकेट के बूते एलएलबी में एडमिशन कैसे हो गया, जिसकी चर्चा वीरवार को आमतौर पर रही। देखने वाली बात होगी कि यूनिवर्सिटी प्रशासन इस गड़बड़झाले को कैसे अंजाम तक पहुंचाता है।
हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन के ढुलमुल रवैये और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण ऐसे मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन वर्ष 2001 में एडमिशन लेने के बाद 15 वर्ष की इतनी लंबी समयावधि में उजागर होने वाला यह संभवत: पहला मामला है। मामला इसलिए भी काफी संगीन है कि जहां विद्यार्थी कानून की पढ़ाई करते हैं, वहीं आरोपी छात्रा और कर्मियों ने कानून से खिलवाड़ कर डाला। सवाल उठते हैं कि यूनिवर्सिटी के जिन कर्मचारियों ने आरोपी छात्रा के एलएलबी संबंधी कागजात लिए, उन्हें वेरीफाई करने में ढील क्यों बरती गई? आखिर इतना लंबा समय कैसे गुजर गया? क्या केवल कर्मचारियों तक ही सीमित है यूनिवर्सिटी की प्रक्रिया? अधिकारियों की जानकारी में कोई बात क्यों नहीं लाई जाती? ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब देना यूनिवर्सिटी के लिए अब लाजमी हो जाएगा।
गौरतलब है कि हाल ही में आदर्श थाना केयूके प्रभारी ने फर्जी तरीके से एडमिशन लेने और डिग्री पूरी करने की आरोपी छात्रा और उसके पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद अब आदर्श थाना पुलिस और केयू अधिकारियों ने मामले संबंधी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पहले भी सामने आए ऐसे मामले
कभी ए-ग्रेड रही कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर एडमिशन लेने और डिग्री पूरी करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई विद्यार्थियों ने फर्जी तरीके से एडमिशन लिया और पकड़े जाने के बाद खुद ही अपने करियर पर कालिख पौत ली।
यूनिवर्सिटी प्रशासन को लिखा जाएगा लैटर : एसएचओ
आदर्श थाना प्रभारी एसएचओ सुरेंद्र कुमार ने कहा कि आरोपी छात्रा के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है। अब यूनिवर्सिटी प्रशासन को मामले संबंधी लैटर लिखा जाएगा। इसके बाद आगामी कानूनी कार्रवाई होगी।
ये कहना है रजिस्ट्रार का
केयू के रजिस्ट्रार डॉ. प्रवीण सैनी ने बताया कि कंट्रोल ऑफ एग्जाम से इस बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। कंट्रोलर से पूछा गया है कि इस तरह के केस में क्या रूल बनते हैं। क्या कुछ कार्रवाई की जा सकती है, उसी को मद्देनजर रखते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा।
ये हो सकती है अगली प्रक्रिया
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आगामी प्रक्रिया आरोपी के भविष्य को चौपट करने जैसी हो सकती है। मामला स्पष्ट होने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन आरोपी छात्रा पर सख्त कार्रवाई करते हुए एलएलबी से संबंधित सभी डॉक्यूमेंट वापिस देने के आदेश देगा। इसके बाद एलएलबी डिग्री को कैंसिल कर दिया जाएगा। मामले से जुड़ी छात्रा इसके बाद यूनिवर्सिटी से पास की गई डिग्री के आधार पर भविष्य में कोई बेनीफिट नहीं ले पाएगी। यानि आरोपी छात्रा द्वारा एलएलबी डिग्री, इसके लिए दिया गया समय और डिग्री पर आगामी बेनीफिट सब शून्य माने जाएंगे। बताया गया है कि यदि छात्रा ने यूनिवर्सिटी से एलएलबी डिग्री के बाद कोई अन्य कोर्स किया होगा, वह भी रद्द माना जाएगा। इसके अलावा इस डिग्री के आधार पर सर्विस बेनीफिट भी समाप्त।