दहेज उत्पीड़न के एक मामले की जांच कर रही महिला एएसआई को पीड़िता को कड़े शब्दों में बोलना महंगा पड़ गया। राज्य मंत्री कर्णदेव कंबोज ने एसपी को महिला एएसआई को तत्काल सस्पेंड करने का आदेश दिया। अपने पिता सोहन सिंह व अन्य परिजनों के साथ आई गांव झांसा निवासी सुरेंद्र कौर ने वीरवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री के समक्ष शिकायत रखी थी। उसने बताया था कि उसकी शादी पानीपत निवासी कुलदीप के साथ हुई थी। उसने दहेज उत्पीड़न के कारण झांसा थाने में 6 लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी। मामले की जांच महिला थाने की एएसआई तारो देवी कर रही थीं। सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान तीन आरोपियों के नाम केस से निकाल दिए गए। यह सब आरोपियों के साथ की गई मिलीभगत से हुआ। इस पर उन्होंने आपत्ति जताई तो कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता के पिता सोहन लाल ने आरोप लगाया कि जांच कर रही महिला एएसआई ने उससे 10 हजार रुपये रिश्वत ली, मगर उन्हें न्याय नहीं दिलाया गया। हालांकि आरोपी पुलिस अधिकारी ने मौके पर ही रिश्वत लिए जाने से इंकार किया, लेकिन मंत्री कर्णदेव कंबोज ने तत्काल ही एसपी सिमरदीप सिंह को मामले की जांच के आदेश दिए। इसके बाद पीड़िता अपने परिजनों के साथ बैठक से बाहर आई तो साथ ही बाहर आई आरोपी महिला एएसआई ने उन्हें डांट दिया। इस पर पीड़िता व उसके परिजन फिर बैठक में मंत्री के समक्ष पहुंच गए और आरोप लगाया कि बैठक के बाहर निकलते ही उन्हें धमकी दी गई। यह सुनते ही मंत्री खफा हो गए और आरोपी एएसआई को सस्पेंड करने का आदेश एसपी को दिया।
सभी आरोप झूठे : एएसआई
एएसआई तारो देवी ने बताया कि उन पर लगाए गए सभी प्रकार के आरोप झूठे हैं। जांच सही रूप से की गई है तो वहीं रिश्वत के आरोप भी बेबुनियाद है। मामले की सही जांच करवाई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
मामले की जांच कर रहे : एसपी
एसपी सिमरदीप सिंह ने एएसआई को सस्पेंड करने के मामले पर चुप्पी साध ली और कहा कि वह मामले की जांच कर रहे हैं।