एलएनजेपी अस्पताल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत पर जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने एकडॉक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। मामला यहां तक बिगड़ा कि मृतक की मां ने डॉक्टर पर जूता तक फेंक दिया। हालात बिगड़ते देख डॉक्टर ने खुद को एक कमरे में बंद करके खुद को बजाया। मौके पर पुलिस भी पहुंची और किसी तरह परिजनों को शांत कराया।
जानकारी के अनुसार गांव सलपानी खुर्द निवासी मरीज को सोमवार दोपहर करीब तीन बजे अस्पताल में लाया गया था। मरीज के भाई सुरेंद्र (परिवर्तित नाम) ने बताया कि उसका भाई ट्रक चालक था और एचआईवी और टीबी से पीड़ित था। तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे दोपहर को अस्पताल में भर्ती किया गया था। मरीज के भाई ने आरोप लगाया कि उसके भाई को भर्ती तो कर लिया गया। लेकिन डॉक्टर ने उसे कोई दवाई तक नहीं दी। डॉक्टर की लापरवाही के कारण उसके भाई की मौत हुई है। सुरेंद्र ने बताया कि उसके भाई का इलाज चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा। जबकि एलएनजेपी में भी पहले इलाज कराया था।
जमकर हुआ हंगामा
मरीज की मौत होने के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। रात करीब आठ बजे हुए इस हंगामे से अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बन गया था। परिजनों ने मरीज की मौत का जिम्मेदार डॉक्टर को बताते हुए जमकर गुस्सा जाहिर किया। यहां तक कि मृतक की मां ने जूता निकाल कर डॉक्टर को मारने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टर ने खुद को बचा लिया। मामला बिगड़ता देख वह डॉक्टर एक कमरे में बंद हो गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों का समझाने का प्रयास किया। काफी देर समझाइश के बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ।
डॉक्टर ने कहा रैफर कर दिया था, नहीं ले गए
एसएमओ डॉ. नितिन कालडा ने बताया कि मरीज गंभीर हालत में यहां लाया गया था। उसकी हालत देखकर पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रैफर कर दिया गया था। लेकिन मरीज के परिजन उसे नहीं ले गए और यहीं इलाज कराने की बात कही।