शहर के प्रमुख उद्योगपति जयभगवान सिंगला के बेटे आदित्य सिंगला उर्फ हन्नी के अपहरण की साजिश करनाल के बड़े आर्किटेक्ट आरके मित्तल के बेटे अनिल मित्तल ने ही रची थी। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में लॉ करने के बाद इस किंगपिन ने सभी साथियों को एकत्र किया और उसके बाद उन्होंने करनाल और कुरुक्षेत्र में ही कई दौर की बैठक करने के बाद साजिश रच ली थी।
बदमाशों ने हन्नी को किडनैप करने के बाद उसे करनाल के सेक्टर-5 में ही मकान में बंधक बनाकर रखा था। हालांकि पुलिस अभी खुलासा नहीं कर रही है, लेकिन पुलिस के हाथ इस सारे खेल के पुख्ता सुराग हाथ लग गए हैं।
अनिल मित्तल कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई कर चुका है। इसी दौरान उसकी दोस्ती सुखबीर निवासी सेक्टर-7 करनाल, कमल सैनी निवासी शांति नगर कुरुक्षेत्र, कुटेल, अमीन और आसपास के कई गांव के युवकों के साथ हो गई थी। पढ़ाई के दौरान एक साथ रहने के दौरान सभी एक दूसरे से काफी घुल मिल गए थे और अधिक पैसा कमाने के चक्कर में लगे रहते थे। पुलिस की माने तो इनमें किंगपिन अनिल मित्तल ही था और उसने ही पूरी योजना तैयार की और अपने सभी साथियों को इस योजना में शामिल कर लिया।
एक माह से भी ज्यादा तक की रेकी
सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने कुरुक्षेत्र और करनाल में एक ऐसे व्यक्ति की तलाश आरंभ कर दी, जो करोड़ों रुपये फिरौती आसानी से दे पाता। इसी के तहत बदमाशों ने उद्योगपति जयभगवान सिंगला को शिकार बनाने की योजना तैयार की। उन्होंने वहां की रैकी करना शुरू कर दिया और योजनाबद्ध तरीके से 23 अगस्त की रात को अंजाम दे दिया। आदित्य सिंगला किडनैप करने के बाद अपहरणकर्ता उसे लेकर सीधे करनाल की ओर रवाना हो गए।
सूत्रों की मानें तो पूरे गिरोह ने समय समय पर उस गली में घूमते हुए सिंगला परिवार की रैकी एक माह तक की। उनके पास पूरी डिटेल्स थी कि सिंगला परिवार के पास कौन सी गाड़ियां हैं? कौन कौन रिश्तेदार हैं ? कौन कौन आता जाता है ? इसके अलावा कौन किस समय घर के बाहर जाता है और कितने बजे वापस आ जाता है? रात का खाना खाने के बाद हन्नी डेली घूमता था और कितनी देर घूमता है?
करनाल के सेक्टर-5 में रखा था हन्नी को
अपहरणकर्ता हन्नी को उठाकर सीधे करनाल में ही ले गए थे जहां पहले से ही उन्होंने सेक्टर-5 में ठिकाना बना रखा था। आरोपियों ने तुरंत उसे वहां एक कोठी में रखा और कमरे में खुला छोड़ दिया था। इस दौरान बदमाशों ने उसके साथ मारपीट आदि भी नहीं की थी। अपहरणकर्ताओं से छूटने के बाद घर आए हन्नी ने भी बताया था कि बदमाशों ने उसे जहां रखा हुआ था वहां से उसे बाइक पर करनाल के नमस्ते चौक पर छोड़ गए थे। यह सारा रास्ता करीब 15 मिनट की दूरी पर ही था।
करनाल के होटल में रची साजिश
पुलिस के मुताबिक आदित्य सिंगला उर्फ हन्नी के अपहरण की साजिश करनाल के नामी होटल में रची गई। अमरगढ़ माजरा गांव निवासी सुखबीर की गाड़ी वारदात में इस्तेमाल की गई। इसके अलावा गांव दादूपुर के युवकों के भी नाम आ रहे हैं। सवाल यह है कि कुरुक्षेत्र में वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने करनाल को इतना सेफ समझा और बड़े आराम से जीटी रोड पर ही फिरौती की रकम वसूल की।
ऐसे में सवाल यह है कि आखिर करनाल पुलिस को इतने बड़े कांड और बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग पाया। रविवार को पुलिस ने अमरगढ़ माजरा व दादूपुर में छापेमारी की। इसके अलावा मुख्य आरोपी अनिल मित्तल समेत आरोपियों के परिजनों को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया है। हालांकि, पुलिस इससे इंकार कर रही है। गाड़ी के नंबर के आधार पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया। दोनों बार बदमाशों ने एक ही गाड़ी उपयोग की और इस गाड़ी का नंबर असली था। इसकी जांच की तो मामला खुल गया। इसके अलावा, करीब 30 साइबर एक्सपर्ट इस मामले में जांच में जुटे हैं।