शहर की सपड़ा कॉलोनी से अपहरण हुए प्रमुख उद्योगपति का बेटा मंगलवार को देर रात सकुशल अपने घर पहुंच गया, लेकिन बदमाश फिरौती की रकम ले जाने में कामयाब रहे।
बदमाशों ने अपहृत युवक को करनाल के नमस्ते चौक पर जीटी रोड पर छोड़ दिया, जहां से वह बस में बैठकर कुरुक्षेत्र पहुंचा। वहीं, दूसरी ओर बदमाशों की तलाश में पुलिस टीमों का गठन कर अलग अलग स्थानों पर रवाना कर दिया है। हालांकि गैंग की पहचान हो गई है, लेकिन पुलिस ने उनका खुलासा नहीं किया है।
बेटे के सकुशल लौटने पर तीन दिन से गम में डूबे परिवार में खुशियां छा गई हैं। शहर की सपड़ा कॉलोनी निवासी उद्योगपति जयभगवान सिंगला के छोटे बेटे आदित्य सिंगला उर्फ हनी (28) का रविवार की रात को करीब सवा 10 बजकर 5 मिनट पर अपहरण कर लिया था।
हनी उस समय खाना खाकर घर के बाहर टहल रहा था। अभी उसने गली में दूसरा चक्कर लगाया ही था कि इसी दौरान एक बाइक पर युवक काफी धीरे धीरे आगे निकला और मकान को देखते हुए आगे की ओर निकल गया। इसी बीच गली के चौक पर खड़ा होकर उसने किसी से बात करने लगा।
कुछ ही देर में एक सफेद रंग की गाड़ी आई और उसमें से कुछ युवक निकले और हनी पर काला कपड़ा डालकर उसे दबोच कर ले गए। देखते ही देखते गाड़ी बहुत तेज गति से वहां से निकल गई। हनी के अपहरण का खुलासा वारदात के 50 मिनट बाद उस समय हुआ, जब उसके ही मोबाइल से अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की धमकी दी। बदमाशों ने अपहरण किए हुए हनी को छोड़ने की एवज में 4 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की।
पुलिस ने बिछाया था जाल
उद्योगपति के अपहृत युवा बेटे की तलाश में जुटी पुलिस ने मंगलवार रात अंबाला से लेकर पानीपत तक नेशनल हाइवे पर पूरा जाल बिछा दिया था।
अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की रकम के साथ हनी के पिता जयभगवान सिंगला को हाइवे पर ही बुलाया था। बाद में बदमाशों ने उसके पिता को पहले गन्नौर तक चक्कर कटवाया और उसके बाद घरौंडा टोल प्लाजा के पास उनसे पैसा लेकर निकल गए। इस दौरान बदमाशों के साथ हनी नहीं था।
करनाल के नमस्ते चौक पर छोड़ा हनी, किराए के दिए पैसे
पुलिस के लगातार बढ़ते दबाव और जाल बिछाने की भनक के बाद बदमाशों ने हनी को करनाल के नमस्ते चौक पर छोड़ दिया और दूसरी ओर उनकी दूसरी टीम पैसा लेकर पहले ही निकल चुकी थी।
अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुटकर घर लौटे हनी ने बताया कि उसके पास पैसा नहीं था। बदमाशों ने उससे बाकायदा किराए के पैसे होने की बात पूछी थी। इस पर उसने इनकार किया तो बदमाशों ने ही उसे कुरुक्षेत्र पहुंचने के पैसे दिए। जिसके बाद वह बस पकड़ कर पिपली पहुंचा और वहां आकर किसी व्यक्ति के फोन से घर पर फोन किया। इस पर परिजन उसे पिपली से लेकर घर पहुंच गए।
बदमाशों ने मुझे करनाल के नमस्ते चौक पर छोड़ा था। वहां से किराए के पैसे दिए। जिसके बाद मैं बस में बैठकर कुरुक्षेत्र पहुंचा। उन्होंने मुझे एक मकान में बंद रखा था।
आदित्य सिंगला उर्फ हनी।
मेरा बेटा सकुशल बदमाशों के चंगुल से बाहर आ गया है। मेरे बच्चे के घर पहुंचने के पीछे एसपी कुरुक्षेत्र और उनकी टीम के साथ स्थानीय विधायक सुभाष सुधा ने काफी काम किया है। इसके लिए उनका आभारी हूं।
जयभगवान सिंगला, उद्योगपति।
शहर के प्रमुख उद्योगपति का बेटा अपहरण हो गया था। उसे बदमाशों के चंगुल से निकलवा लिया है। गैंग की पहचान हो चुकी है। पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं। कई राज्यों में अलग अलग टीमें दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपियों व फिरौती की राशि को भी बरामद कर लिया जाएगा।
सिमरदीप सिंह, एसपी, कुरुक्षेत्र।