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Haryana: डेढ़ साल बाद स्लोवेनिया से भारत पहुंचा कुरुक्षेत्र के युवक का शव, Rs. 13 लाख में किया था विदेश रवाना

Sat, 22 Jul 2023 10:51 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, पिहोवा, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

आरोप है कि डॉन्करों ने हत्या कर जंगल में शव फेंका और एजेंट गुमराह करते रहे। पिता के डीएनए के साथ शव का मिलान कराया गया, 99.5 फीसदी मिलान हुआ है। अब शव के दांत और हड्डी से प्रदीप की बेटियों के डीएनए मिलान कराया जाएगा। 
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद प्रदीप के परिजन। प्रदीप का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पिहोवा क्षेत्र में डेढ़ साल बाद बिजली विभाग से सेवानिवृत्त कर्मी के बेटे का शव स्लोवेनिया से वतन लौटा। बेटे की मौत के बाद से परिवार लगातार सरकार से उसके शव को लाने की गुहार लगा रहा था। कई परेशानी, जद्दोजहद और डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया के बाद प्रदीप का शव शनिवार को भारत लाया गया।

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पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक विशेषज्ञ से शव का डीएनए लेकर परिजनों के हवाले कर दिया। गत वर्ष मार्च में प्रदीप गोस्वामी को पिहोवा के दो एजेंटों ने इटली भेजा था। परिजनों का आरोप है कि रास्ते में डॉन्करों ने प्रदीप की हत्या करके शव जंगल में फेंक दिया था। सात अप्रैल 2022 को परिजनों की प्रदीप से अंतिम बात हुई थी।

नंद कॉलोनी के महेश चंद ने बताया कि पिहोवा के वार्ड-नौ के तपन और उसके साथी पूजा कॉलोनी के मदन लाल ने उसके बेटे प्रदीप को इटली भेजने का आश्वासन दिया था। उन्होंने 13 लाख रुपये लेकर प्रदीप को दुबई के लिए रवाना कर दिया। इस दौरान प्रदीप से उनकी लगातार बातचीत होती रही।
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आठ अप्रैल के बाद प्रदीप का फोन बंद हो गया और उसके बाद से कोई संपर्क नहीं हुआ। वहीं आरोपी एजेंट उन्हें गुमराह करते रहे कि प्रदीप इटली पहुंच चुका है, मगर दबाव डालने पर आरोपियों ने उनके 10 लाख रुपये वापस कर दिए।

बताया कि 19 अप्रैल को प्रदीप के साथी साहिल ने उन्हें सूचना दी कि प्रदीप की नौ अप्रैल को मौत हो चुकी है। स्लोवेनिया के जंगल में उसका शव पड़ा है। आरोप लगाया कि डाॅन्करों ने प्रदीप की हत्या कर दी और शव को जंगल में फेंककर आगे बढ़ गए।

सूचना के बाद उन्होंने सरकार से प्रदीप का शव भारत लाने की गुहार लगाई। अब करीब 17 महीने बाद उसका शव भारत पहुंचा है। प्रदीप की तीन बेटी गुंजन, काव्य और सांविका है। इससे पहले प्रदीप तकरीबन डेढ़ साल तक लेबनान में रहा था।

99.5 फीसदी मिलान हुआ डीएनए
महेश चंद ने बताया कि शव की शिनाख्त के लिए स्लोवेनिया से डीएनए मांगा गया था। 22 फरवरी को उन्होंने अपने डीएनए का सैंपल सरकार के माध्यम से स्लोवेनिया भेजा था। उनका डीएनए शव के साथ 99.5 फीसदी मिलान कर गया। करीब तीन महीने बाद उसकी रिपोर्ट उनके पास पहुंची, जिसके बाद शव को भारत लाया गया।

बेटियों से कराया जाएगा सैंपल मैच
फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि डेढ़ साल के दौरान शव तकरीबन कंकाल हो चुका था। डीएनए जांच के लिए शव का दांत और हड्डी लिए गए हैं। इस डीएनए को प्रदीप की बेटियों के साथ मिलान किया जाएगा। इस परीक्षण के बाद साफ होगा कि यह शव प्रदीप का ही है। परिजन इस बात की आशंका जाहिर कर रहे थे कि कहीं किसी दूसरे व्यक्ति का शव तो नहीं भेज दिया गया।

मामले में एक और धारा जोड़ी
थाना शहर पिहोवा प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस ने 22 अप्रैल 2022 को महेश चंद की शिकायत पर आरोपी मदन लाल और तपन गुप्ता के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था। हालांकि अदालत से दोनों को जमानत मिलने के बाद उनको रिहा कर दिया गया। अब इसमें आईपीसी की धारा 370 को जोड़ा गया है। शव का डीएनए सैंपल लिया गया है, जिसे उसकी बेटियों के साथ मिलान कराया जाएगा। वहीं एक आरोपी मदन लाल अन्य मामले में जेल में बंद है। हालांकि स्लोवेनिया से आई पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में मौत के कारणों को उजागर नहीं किया गया है।

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