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गेहूं घोटाले के आरोपियों पर केस दर्ज कराने का आदेश

Fri, 06 Nov 2015 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में करोड़ों रुपये का गेहूं घोटाला उजागर होने के बाद चंडीगढ़ से आई विभाग की टीम ने जांच  करने के लिए वीरवार को इस्माईलाबाद में डेरा डाल दिया है।
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सुबह ही सात सदस्यीय टीम पहुंची और गेहूं घोटाले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, दूसरी ओर विभाग द्वारा सस्पेंड किए गए आरोपी इंस्पेक्टर रामनिवास समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश भी चंडीगढ़ मुख्यालय से देर शाम जारी कर दिए गए हैं। हालांकि आदेश अभी कुरुक्षेत्र नहीं पहुंचे हैं। विभाग की टीम देर शाम तक गेहूं के स्टॉक की जांच में जुटी हुई थी।

विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस प्रसाद ने जांच करने के लिए विभाग के एसीएफए देवेंद्र कौशिक के नेतृत्व में चार सदस्यों की टीम का गठन कर भेजा है।

टीम में एसीएफए देवेंद्र कौशिक के अलावा सुपरिंटेंडेंट महेश यादव, डीएफएसओ राजेश कुमार, एसओ विरेंद्र कुमार तथा प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार बतौर ड्यूटी मेजिस्ट्रेट मौजूद रहे। टीम ने गांव थांदड़ो रोड पर लगे गेहूं के स्टॉक को गिनने का कार्य शुरू कर दिया है।
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एसीएफए देवेंद्र कौशिक ने बताया कि डीएफएससी कुरुक्षेत्र को कस्बे में लगे स्टॉक में कुछ गड़बड़ी की आशंका हुई थी। जिसके बाद प्राथमिक जांच में कस्बे में लगे स्टॉक की गिनती और देखने का कार्य शुरू किया गया है। इसके बाद कस्बे के गेहूं स्टॉक में 2 लाख 58 हजार बैग में से 1 लाख 78 हजार बैग कम पाए गए। जिनकी कीमत और खर्च जोड़ने के बाद करीब 18 करोड़ रुपए का घपला सामने आया है।

जांच करने वाले चार अफसरों सहित सस्पेंड
 एसीएफए देवेंद्र कौशिक ने बताया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस प्रसाद ने मामले की जांच रिपोर्ट के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग के इस्माईलाबाद के इंस्पेक्टर रामनिवास, एएफएसओ हरजीत सिंह संधू, एसआई कुमार गौरव तथा 30 जून को जांच करने आई टीम के सदस्य एफएसओ सतीश कुमार कैथल, इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह करनाल, हेड एनेलिसिस विनोद सैनी तथा एक को सस्पेंड कर दिया गया है।

गेहूं की कमी एवं गेहूं के खराब होने का पता स्पेशल पीवी के बाद ही पता चलेगा। उन्होंने बताया कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि असलियत में यह कितने करोड़ का घपला है। अभी इस प्रक्रिया दो से तीन दिन लग सकते हैं। स्टॉक के मिलान के बाद ही घपले का सही अनुमान लगाया जा सकेगा।

मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी
18 करोड़ रुपए का गेहूं घोटाला सामने आने के बाद एक ओर जहां विभाग ने एसपीवी की स्पेशल टीम जुटी हुई है। वहीं, दूसरी ओर मामले में फंसे आरोपियों की मुुश्किलें और भी बढ़ने वाली हैं।


क्योंकि वीरवार को देर शाम मुख्यालय से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं। बता दें कि घपले के मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर रामनिवास की पत्नी संतोष रानी भाजपा की टिकट पर नरवाना से चुनाव लड़ चुकी हैं।

घपला ही नहीं करोड़ों का गेहूं भी हुआ खराब
टीम ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि करोड़ों के गेहूं का घपला ही नहीं किया गया है, बल्कि वहां पर हजारों टन गेहूं की संभाल भी ढंग से नहीं की जा रही है।


सेंट्रल पूल के इस गोदाम में हजारों टन गेहूं भी सड़ चुका है। टीम के सदस्य इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि यह गेहूं संभालने में किस तरह से लापरवाही की गई है। इसकी रिपोर्ट भी अलग से तैयार की जा रही है।


चंडीगढ़ मुख्यालय से स्पेशल टीम वीरवार की सुबह पहुंच गई है। टीम ने कार्य शुरू कर दिया है। वह स्टॉक की स्पेशल फिजिकल वेरीफिकेशन कर रही है। इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी होने की सूचना मिली है, लेकिन अभी आदेश मेरे पास नहीं पहुंचे हैं। आदेश आने के बाद ही कहा जा सकता है कि किस अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कराने के आदेश जारी हुए हैं।
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-डॉ. घनश्याम, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, कुरुक्षेत्र।
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