जिला कारागार में अलग-अलग आपराधिक मामलों में बंद दो विचाराधीन बंदी रविवार को दोपहर बाद आपस में भिड़ गए। दोनों ने एक दूसरे पर किसी नुकीली चीज से हमला कर घायल कर दिया। दोनों को लहूलुहान होते देख बैरक में हंगामा मच गया और देखते ही देखते कैदियों ने शोर मचा दिया।
शोर सुनकर जेल प्रशासन वहां पहुंचा और दोनों को अलग अलग कराकर प्राथमिक उपचार के पश्चात दोनों को एलएनजेपी सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। सूचना मिलने पर थाना शहर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में जांच आरंभ कर दी।
मामले के अनुसार मारपीट के एक मामले में विनोद उर्फ भोला और चोरी के मामले भूपेंद्र सिंह जिला कारागार की बैरक नंबर 5/2 में विचाराधीन बंदी के रूप में बंद हैं। रविवार की शाम बैरक में किसी बात को लेकर दोनों के बीच आपस में तुनकमिजाजी हो गई। देखते ही देखते यह तुनकमिजाजी बढ़ती गई और गाली गलौच से होते हुए मारपीट तक पहुंच गई।
जेल सूत्रों के अनुसार दोनों के बीच आपस में जमकर मारपीट हुई और देखते ही देखते दोनों ने एक दूसरे पर किसी नुकीली चीज से वार कर दिया। बैरक में बंद अन्य बंदियों ने उन्हें छुड़ाने का प्रयास भी किया, लेकिन वे बार बार आपस में भिड़ते रहे। इसी बीच दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि एक विचाराधीन बंदी के कान पर नुकीले हथियार से हमला होने के कारण उसका कान कट गया और दूसरे के दोनों बाजूओं पर हमला होने के कारण वह भी बुरी तरह चोटिल हो गया। दोनों को लहूलुहान होते देख अन्य कैदियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर जेल प्रबंधन और जेल की गारद मौके पर पहुंची और दोनों बंदियों को अलग अलग करते हुए उन्हें जेल के अस्पताल में लेकर पहुंचे।
वहां से उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद एलएनजेपी अस्पताल में भेज दिया। जहां से उनकी जांच करवाने के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया है। एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. शैलेंद्र शैली ममगई का कहना है कि जेल से दो कैदियों को लेकर आए थे। एक की बाजू और एक के कान पर चोट लगी थी। दोनों का मेडिकल कर उपचार देने के पश्चात उन्हें वापस जेल भेज दिया गया है।