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थाने के महिला मित्र कक्ष में किशोरी से दुष्कर्म: भागने की फिराक में था आरोपी हेडकांस्टेबल, पहुंचा जेल

Wed, 26 Jul 2023 01:33 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र/बाबैन (हरियाणा)

सार

वारदात के बाद आरोपी ने मोबाइल बंद कर लिया था। लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज कर करीब पांच घंटे के दौरान ही उसे बाबैन बस अड्डे के समीप से गिरफ्त में ले लिया था। आरोपी के पिता बोले कि फंसाने की साजिश हो सकती है, गहनता से जांच होनी चाहिए। 
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rape demo - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पुलिस थाने के महिला मित्र कक्ष में किशोरी के साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात के आरोपी हेड कांस्टेबल का दो दिन का रिमांड खत्म होने के बाद मंगलवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपी वारदात के बाद भागने की फिराक में था और उसने अपना मोबाइल भी बंद कर लिया था, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज कर करीब पांच घंटे के दौरान ही उसे बाबैन बस अड्डे के समीप से गिरफ्त में ले लिया था। अगले दिन उसे अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया था।

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पीड़ित किशोरी व उसके परिजन आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं तो वहीं हर कोई इस वारदात से सन्न है, लेकिन उसके परिजनों को अभी भी आशंका है कि कहीं उसे साजिश का शिकार तो नहीं बनाया गया।

आरोपी के पिता रोशन लाल ने मामले की जांच कर रहे डीएसपी शाहाबाद रणधीर सिंह से मुलाकात की और उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वह ऐसा काम कर सकता है। उसे कहीं फंसाया तो नहीं गया। ऐसे में और गहनता से जांच की जानी चाहिए। वहीं डीएसपी ने कहा कि वारदात की पुष्टि मेडिकल जांच में भी हो चुकी है तो ऐसे में संदेह नहीं किया जा सकता।
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हार्ड कोर अपराधी जैसा किया गया आरोपी हेड कांस्टेबल से व्यवहार : डीएसपी
आरोपी हेड कांस्टेबल श्याम लाल के कृत्य से पूरे पुलिस विभाग को शर्मसार होना पड़ा है। ऐसे में वह विभाग के हर अधिकारी व कर्मचारी के निशाने पर है। यही कारण है कि पकड़े जाने के बाद से लेकर रिमांड खत्म होने तक उसके साथ हार्ड कोर अपराधी जैसा व्यवहार किया गया। मामले की जांच कर रहे डीएसपी रणधीर सिंह ने बताया कि आरोपी हेड कांस्टेबल ने बेहद घिनौना कार्य किया है और ऐसे में उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जा सकता।

उसके साथ हार्ड कोर अपराधी की तरह ही व्यवहार किया गया। यहां तक कि उसे पता था कि वह अब बच नहीं सकता, लेकिन उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए भागने का प्रयास किया, लेकिन उसकी तलाश में टीमें लगा दी गई थी और काबू कर लिया। रिमांड के दौरान उसे मित्र कक्ष ले जाकर निशानदेही व सीन रीक्रिएट कराया तो वहीं आरोपी के वारदात के दौरान के कपड़े भी बरामद किए गए। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।

भ्रष्टाचार मामले में हो गया था बरी
आरोपी श्यामलाल सिपाही के तौर पर पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था और वह पदोन्नत होकर हेड कांस्टेबल बन गया था। उस पर लाडवा थाने में भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज हुआ था, लेकिन उसमें वह बरी हो गया था। आरोपी का करीब 21 वर्षीय एक बेटा है, जो विदेश जाने की तैयारी कर रहा था।

किशोरी व परिवार अभी भी सदमे में
पीड़ित किशोरी से लेकर उसके परिजन अभी सदमे में है। किशोरी घर में किसी भी की भी आहट सुनते ही सिहर जाती है तो वहीं परिवार के लोग भी कुछ बताते-बताते सन्न रह जाते हैं। उनकी जुबां पर सिर्फ यही है कि उसे सबसे कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी वारदात के बारे में सोच भी न सके।

हेड कांस्टेबल श्याम लाल को अब गलती का अहसास
डीएसपी रणधीर सिंह ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी श्यामलाल से बेहद गहनता से पूछताछ की गई। इस दौरान उसने माना कि उसकी नीयत खराब हो गई थी और यह वारदात कर बैठा। उसने यह भी माना कि यह सही नहीं किया और ऐसा काम किसी को भी नहीं करना चाहिए।

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