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विधायक आवास के बाहर धरना दे रहे आप कार्यकर्ताओं का पुलिस ने उखाड़ा टेंट

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विधायक आवास के बाहर धरना दे रहे आप कार्यकर्ताओं का पुलिस ने उखाड़ा टेंट
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
गीता जयंती महोत्सव को लेकर विधायक सुभाष सुधा के आवास के बाहर धरना दे रहे आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं के टेंट को पुलिस ने देर शाम उखाड़ दिया। कार्यकर्ताओं को विधायक की ओर से सवालों का जवाब नहीं मिला, उलटे टेंट उखाड़ दिया गया। देर रात तक कार्यकर्ता खुले आसमान के नीचे ही धरना देते रहे। इस दौरान पुलिस कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी करते हुए जमकर रोष भी व्यक्त किया।
पार्टी कार्यकर्ता पार्टी के लोकसभा संगठन मंत्री सुखबीर चहल और प्रदेश प्रवक्ता विशाल खुंबड़ की अध्यक्षता में सुबह ही विधायक आवास पर पहुंचे और धरना शुरू किया। दिन भर ये कार्यकर्ता बिना टेंट के ही धरना देते रहे। शाम करीब साढ़े पांच बजे उन्होंने सर्दी के चलते रात को भी धरना देने के लिए टेंट लगा लिया। इसे करीब एक घंटे बाद ही पुलिस ने उखाड़ दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर बहस हुई। लेकिन, सिटी थाना प्रभारी के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने उनकी बात अनसुनी करते हुए टेंट हटा दिया। इस दौरान पार्टी प्रदेश प्रवक्ता विशाल खुंबड़ ने आरोप लगाया कि पुलिस के साथ विधायक के भाई रमेश सुधा भी पहुंचे थे। विधायक अज्ञैर उनके दबाव में पुलिस ने टेंट उखाड़ दिया। उन्होंने बताया कि टेंट रात को सर्दी से बचाव के लिए ही लगाया गया था। अब रात भर कड़ाके की सर्दी के बीच धरना दिया जाएगा। उन्होंने एलान किया कि जब तक उन्हें सवालों के जवाब नहीं मिल जाते, तब तक यहां धरना जारी रहेगा। इस दौरान थानेसर संगठन मंत्री ओम सिंह, पिहोवा संगठन मंत्री सुमित हिंदुस्तानी, शाहबाद संगठन मंत्री बीर सिंह बोहली, शाहबाद हलका अध्यक्ष हरबंस लाल, थानेसर हलका अध्यक्ष विजय सिंह, मेवा सिंह आर्य ,कश्मीर सिंह, रघुवीर गिल, हरदीप सिंह ढिल्लों, प्रवीन वर्मा, प्रेमनाथ जांगड़ा, यशोदा देवी, दीपा वर्मा, नताशा, पवन शर्मा, संजय कुमार, राजेंद्र कुमार, नसीब सिंह, दीवान सिंह राणा, वीरेंद्र बैखर, अशोक कुमार, भूपेंद्र सिंह, साधू राम आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।
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आठ दिसंबर को सौंपा था ज्ञापन
आप प्रदेश प्रवक्ता ने बताया कि आठ दिसंबर को उन्होंने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिला उपायुक्त को सौंपा था। इसमें भी गीता जयंती महोत्सव पर किए गए खर्च की जांच करवाए जाने की मांग उठाई थी। उन्होंने 10 दिन पूर्व भी विधायक और जिला उपायुक्त से सवालों के जवाब देने की मांग की थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस वजह से धरना शुरू किया गया।
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इन सवालों के मांगे हैं जवाब
- अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाया जा रहा हैं या ज्ञानानंद महाराज महोत्सव
- प्रदेश सरकार, केडीबी और ज्ञानानंद महाराज के बीच में क्या संबंध है, जो इतनी मेहरबानी ज्ञानानंद महाराज पर की जा रही है।
- जब अन्य प्रकाशकों की गीता सौ से 200 रुपये में मिल जाती हैं, तो ज्ञानानंद महाराज की गीता 600 रुपये में क्यों खरीदी गई ।
- ज्ञानानंद महाराज को कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने करोड़ों की नौ एकड़ जमीन कौड़ियो के भाव में क्यों दी।
-केडीबी ने राज्यपाल हरियाणा की अध्यक्षता में 31 अगस्त 2006 को मीटिंग में प्रस्ताव पारित करके मेला क्षेत्र की भूमि को भविष्य में अलॉट न करने का फैसला लिया था तो किस आधार पर नौ एकड़ जमीन अलॉट की गई ।
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