फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला लेती थी लिफ्ट, आगे चार साथी बाइक से पीछ कर रुकवाते थे कार और करते थे लूट

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। सीआईए-1 पुलिस ने राहगीरों से लिफ्ट लेकर लूट की वारदात अंजाम देने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरोह में चार पुरुष और एक महिला सदस्य हैं। गिरोह की महिला नैनीताल की है और वह हाथ नहीं लगी है। गिरोह पहले ट्रांसफॉर्मरों और घरों से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। लेकिन काफी समय से गिरोह लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा है। गिरोह के पुरुष सदस्य पानीपत और सोनीपत के रहने वाले हैं। बहरहाल पुलिस को महिला की तलाश है, जबकि युवक को रिमांड पर लिया है।
एसपी के मुताबिक सीआईए-1 पुलिस के इंस्पेक्टर केवल सिंह के नेतृत्व में सीआईए-1 के एएसआई वीरेंद्र सिंह, एएसआई सतनारायण, हवलदार ईशम सिंह की टीम ने पिपली जीटी रोड पर देवीलाल चौक के निकट से पानीपत के नूरवाला वासी रविंद्र उर्फ जोगिंद्र को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने अन्य तीन साथियों और एक महिला को शामिल कर वारदात को अंजाम देते थे। इस कार्य में सबसे बड़ी सहायक उनकी महिला साथी होती थी। वह सुनसान रास्ते में खड़े होकर लिफ्ट लेती थी। इसके बाद रास्ते में जहां उसके साथी खड़े होते थे, वहां लिफ्ट देने वाले व्यक्ति को महिला रुकने के लिए कहती थी। उसके बाद शिकार से वसूली करते थे।
विज्ञापन


वारदात में एक कार और मोटरसाइकिल की लेते थे मदद
इस गिरोह का एक सदस्य मोटरसाइकिल पर आता था, जबकि महिला सहित अन्य साथी कार में सवार होकर आते थे। यह लोग महिला विशेषकर नेशनल हाईवे पर प्रतापगढ़ के आसपास खड़ा करके आगे पीछे अपने वाहन लगा लेते थे, जैसे ही शिकार फंसता तो उसे रास्ते में रोककर नगदी, सोना व अन्य कीमती वस्तुएं छीन लेते थे।

ताजा घटनाक्रम का शिकार हुआ रामगढ़ वासी
आरोपी ने बताया कि जैसे ही लिफ्ट देने वाला व्यक्ति महिला को बैठा कर आगे बढ़ता तो पीछा कर उसके साथी आगे मौके मिलते रोक लेते थे। ताजा घटनाक्रम थाना सदर पिपली क्षेत्र में एक नवंबर को गांव रामगढ़ के रहने वाले सूरजा राम के साथ हुआ था, जिसकी शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। बहरहाल पुलिस रविंद्र को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी है।

गिरोह से जुड़े चार लोगों का है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक, महिला को छोड़कर इस गिरोह से जुड़े जिन चार लोगों के नाम सामने आए हैं, उनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। इनमें रविंद्र, विशाल उर्फ रिंकू और अनिल के खिलाफ कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और आसपास के थानों में चोरी के कई मामले दर्ज हैं। इनकी मुलाकात पानीपत जेल में बंद एक व्यक्ति से हुई थी, इसके बाद इन्होंने चोरी छोड़ लूट का रास्ता अपनाया।

शिकार हुए लोगों का पता लगा रही पुलिस
पुलिस उन लोगों की फेहरिस्त जुटाने में लगी है, जो गिरोह के शिकार बने हैं। पता चला है कि इसी गिरोह ने केयू थाना के अंतर्गत शहर के ही एक अन्य व्यक्ति को भी शिकार बनाया था। केयू थाना क्षेत्र में हुए मामले में शिकार हुए व्यक्ति के घर से हजारों रुपये कैश वसूलने के साथ उसके एटीएम से 60 हजार रुपये निकलवाए गए थे। इस घटना के बाद एक नवंबर 2018 को इस गिरोह ने कुरुक्षेत्र के निकटवर्ती गांव रामगढ़ वासी सूरजाराम को शिकार बनाया था।

तब शहर के व्यवसायी को सोशल मीडिया से बनाया था शिकार
जिला पुलिस के संज्ञान में हनीट्रैप का एक बड़ा मामला तब संज्ञान में आया था जब शहर के एक व्यवसायी को लाखों रुपये का चूना लगाया गया। मार्च 2018 में कुरुक्षेत्र पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत पांच लोगों को हनीट्रैप में गिरफ्तार किया था। इस प्रकरण के खुलासा होने के बाद पुलिस को ज्ञात हुआ था कि महिलाएं सोशल मीडिया के माध्यम से शिकार को जाल में फांसती थी।
विज्ञापन


शटर तोड़ कर चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरफ्तार
कुरुक्षेत्र। सीआईए-1 पुलिस ने लाडवा से रात को दुकानों शटर तोड़कर कीमती सामान चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों साहिल व अरुण वासी इंद्री (करनाल) को काबू करके लाखों रुपये के मोबाइल समेत चोरी का सामान बरामद किया है। तीसरे मामले में घर से मोबाइल चोरी करने के मामले में आरोपी इंद्रजीत सिंह पुत्र नक्षत्र सिंह निवासी रतनपालो पंजाब को गिरफ्तार किया है। आरोपी से चोरी का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। आरोपी ने यह मोबाइल सर्किट हाउस के नजदीक शिव कॉलोनी के एक घर से चोरी किया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को रिमांड पर लिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें