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स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट पर उलझी पुलिस

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अमर उजाला ब्यूरो
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कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात बच्ची झुलसने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट ने मामला और उलझाया है। जांच कमेटी की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट में किसी को भी दोषी नहीं ठहराया गया है। इसलिए पुलिस भी कार्रवाई नहीं कर सकी है। इस मामले में पुलिस ने सिविल सर्जन से दोषियों का ब्योरा मांगा है, लेकिन घटना के 23 दिन बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग किसी कर्मचारी को दोषी नहीं ठहरा सका। इधर, पुलिस का कहना है कि जब स्वास्थ्य विभाग दोषी कर्मियों का ब्योरा देगा, तभी किसी के खिलाफ कार्रवाई हो पाएगी।
सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह के निर्देशानुसार गठित जांच कमेटी की ओर से सौंपी रिपोर्ट में चिकित्सा अधिकारी सहित नर्सिंग सिस्टर, तीन स्टाफ नर्स, बायो मेडिकल इंजीनियर, बिजली कर्मी तथा फायरमैन को लापरवाह माना गया था। इसके बाद एसएनसीयू के स्टाफ ने चिकित्सा अधीक्षक को अपना-अपना स्पष्टीकरण सौंपते हुए खुद को निर्दोष बता दिया था। रिपोर्ट पर बच्ची के परिजनों ने भी असंतुष्टि जाहिर करते हुए मामले में दोबारा से जांच कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मुलाकात की थी। स्वास्थ्य मंत्री ने परिजनों की मांग पर स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को दोबारा से जांच कराने के निर्देश दिए थे।
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गौरतलब है कि 22 नवंबर को एलएनजेपी अस्पताल के एसएनसीयू में ऑक्सीजन देने के लिए इनक्यूबेटर में रखी चार दिन की नवजात बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में झुलस गई थी। हादसे के बाद परिजनों द्वारा हंगामा करने बाद सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने उक्त मामले की जांच करने के लिए एक कमेटी का गठन किया था। जांच कमेटी ने 5 दिसंबर को रिपोर्ट सौंप दी है।
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