पंजाब एवं हरियाणा के विभिन्न इलाकों में नशीले पदार्थ चूरा-पोस्त की तस्करी के लिए पिहोवा के व्हाइट हाउस को नशा तस्करों ने ट्रांजिट प्वाइंट बना रखा था।
लगातार 30 घंटे तक चली जांच के बाद भी हालांकि कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन नशा तस्करों का पता चल गया है। व्हाइट हाउस नाम की यह कोठी पंजाब के पांतड़ा निवासी व्यक्ति की बताई गई है। पुलिस ने 487 बोरियों में 18 हजार 928 किलोग्राम चूरा पोस्त बरामद किया है।
इसकी मार्केट में कीमत 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने गिरोह के सरगना के साथ-साथ उसके साथियों की पहचान कर ली है। सरगना के साथ-साथ गिरोह के लोगों को गिरफ्तार करने के लिए सीआईए की टीमों ने एक साथ करीब 7 जगहों पर छापामारी की है।
यह खुलासा सोमवार को एसपी कुरुक्षेत्र सिमरदीप सिंह ने पत्रकार वार्ता में किया है। एसपी सिमरदीप ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मकान पंजाब के पातड़ा निवासी रिछपाल सिंह का है। इसका एक रिश्तेदार रंजीत सिंह निवासी बाखली गांव का है। उससे भी पूछताछ की जा रही है।
छापामारी के दौरान भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के पातड़ा निवासी रिछपाल सिंह ने पिहोवा में केवल मात्र तस्करी के उद्देश्य से ही डेढ साल पहले चुनिया फार्म के पास यह कोठी खरीदी होगी।
पुलिस द्वारा संभावना व्यक्त की जा रही है कि करीब डेढ साल से ही पिहोवा से हरियाणा, पंजाब समेत आस-पास के राज्यों में मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। इस मामले के तार पंजाब व आसपास के राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इसलिए तस्करों की अंतिम कड़ी तक पहुंचने के लिए सीआईए की चार टीमों ने अब तक करीब 7 जगहों पर छापामारी की है।
गाड़ी की नंबर प्लेट बदलकर देते हैं धोखा
पुलिस ने कोठी की तलाशी ली तो उसके अधिकतर कमरों में कट्टों में भरा चूरापोस्त ही भरा मिला। एक कमरे में रहने का भी सुराग मिला है।
कोठी से पुलिस ने हरियाणा व पंजाब वाली नंबर प्लेट्स, 315 व 12 बोर की दो देसी पिस्तौल, 315 बोर के 7 कारतूस सहित कुल 21 कारतूस, वजन तोलने की मशीन, लाल बत्ती, 2-2 किलो के बड़ी संख्या में पैकेट, 40 किलो की नई बोरियों समेत अन्य पैकिंग मेटीरियल, मोबाइल फोन, सिम कार्ड समेत अन्य सुराग हाथ लगे हैं।
पुलिस मान रही है कि तस्कर नंबर प्लेट बदल कर और लाल बत्ती लगाकर पुलिस को धोखा देने में प्रयोग करते थे। हालांकि ये नंबर फर्जी लग रहे हैं, लेकिन पुलिस ने संबंधित अथार्टी में जांच के लिए भेज दिए हैं।
पुलिस को कार्रवाई मेें लगे 30 घंटे
एसपी सिमरदीप सिंह ने कहा कि चूरा पोस्त की 487 बोरियां के साथ-साथ मौके से बरामद हुई अन्य सामग्री व दस्तावेजों को सील करने में शाहाबाद, पिहोवा व कुरुक्षेत्र के दर्जनों पुलिस कर्मचारियों को लगाना पड़ा।
इसके बावजुद सील करने में कई घंटों का समय लगा। सील करने और बाकी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद सोमवार को मामला दर्ज किया गया है।
पर्दाफाश करने वाले पुलिस अधिकारियों को मिलेगा रिवार्ड
एसपी सिमरदीप सिंह ने कहा कि पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंघल व करनाल रेंज के आईजी हनीफ कुरैशी ने भी बधाई दी है।
आईजी कुरैशी ने दौरा किया है और इस मामले में डीएसपी शाहाबाद गुरमेल सिंह, डीएसपी पिहोवा चंद्रपाल व एसएचओ पिहोवा अमनदीप को विभाग के नियमानुसार रिवॉर्ड दिया जाएगा।