कुरुक्षेत्र। बिजली बिल को ठीक कराने के नाम पर तीन हजार रुपये रिश्वत मांगने के मामले में आरोपी दक्षिणी हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) सब डिवीजन नंबर एक के एसएसए सुरेश कुमार को अदालत ने दोषी मानते हुए पांच साल कैद की सजा सुनाई। इसके अलावा उस पर दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जिला अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश राकेश सिंह ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया।
उपजिला न्यायवादी मेनपाल ने बताया कि कुरुक्षेत्र के मोहल्ला सौदागरन निवासी सुनील ने 8 मई 2017 को राज्य चौकसी ब्यूरो की स्थानीय इकाई में एक लिखित शिकायत दी थी। जिसमें उसने बताया था कि यूएचबीवीएन के सब डिवीजन नंबर- एक में तैनात एसएसए (एलडीसी) सुरेश कुमार ने उसके बिजली के बिल को ठीक करने के बदले में तीन हजार रुपये रिश्वत की मांग की है। उसकी शिकायत पर मामला दर्ज करके निरीक्षक राजकुमार ने एएसआई अनिल कुमार एवं तहसीलदार थानेसर ईश्वर सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करा कर शिकायतकर्ता सुनील को साथ लिया। हल्का पटवारी कनीपला राजपाल को भी रेड पार्टी में शामिल किया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता सुनील को 500-500 रुपये के छह नोट फिनोल फैथालीन पाउडर लगाकर दिए गए। तहसीलदार एवं पटवारी को गवाह तैयार उसे आरोपी एसएसए के पास भेजा गया। इसके बाद सुनील ने जैसे ही इन नोटों को सुनील कुमार को दिए। उसे इन नोटों के साथ रंगे हाथ सतर्कता टीम ने पकड़ लिया।
इस मामले की नियमित सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश सिंह की अदालत ने गवाहों एवं सुबूतों के आधार पर आरोपी सुरेश को दोषी करार देते हुए भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा-7 में 4 साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा-10 में 5 साल कैद एवं 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने की सूरत में 3-3 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।