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जीटी रोड जाम करने,पुलिस पर पथराव और ड्यूटी में बाधा डालने का आरोप

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70 लोगों पर जाम लगाने, हमला करने और सरकारी ड्यूटी में बाधा का मामला दर्ज
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गांव झिरबड़ी के निकट एक महिला की बस की चपेट में आने से मौत के बाद भड़के थे ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
जीटी रोड पर गांव झिरबड़ी के निकट शुक्रवार को एक महिला की रोडवेज बस की चपेट में आने से मौत के बाद जीटी रोड जाम करने, पथराव व सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और पुलिस कर्मियों पर हमले के आरोप में महिलाओं सहित करीब 70 से 80 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसकी पुष्टि थाना सदर के एसएचओ सुरेंद्र कुमार ने की है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को एक सैनिक की माता संतरो देवी (70) पत्नी ईशम सिंह वासी झिरबड़ी खेत से खास काट कर वापस घर लौट रही थी। इस दौरान पलवल डिपो की बस की चपेट में आने से संतरो देवी की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद गांव वासियों ने जीटी रोड जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। इसकी सूचना मिलते ही डीएसपी राजसिंह, थाना सदर के एसएचओ सुरेंद्र ,महिला थाना की प्रभारी परवीन कौर, सीआईए प्रभारी दीपेंद्र सिंह सहित काफी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची थी। ग्रामीण इस प्रदर्शन के दौरान बस चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ जीटी रोड पर गांव झिरबड़ी के निकट फ्लाईओवर बनाने की मांग कर रहे थे, लेकिन इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप ले लिया। पुलिस का आरोप है कि इन्होंने कई बार समझाने के बावजूद नेशनल हाईवे को खाली नहीं किया और जीटी रोड पर जमे रहे। काफी समझाने के बावजूद यह नहीं माने और इसी बीच 70-80 लोगों ने उन पर पथराव शुरू कर दिया। इसमें महिला थाना की एसएचओ परवीन कौर, सीआईए प्रभारी दीपेंद्र और हवलदार अशोक सहित कई पुलिस वाले गंभीर रूप से जख्मी हुए थे। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में थाना सदर के एसएचओ की शिकायत पर उपरोक्त ग्रामीणों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
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गांव झिरबड़ी के लोगों का आरोप है कि पुलिस उन पर दबाव बनाने के लिए मनमानी कर रही है। इन्होंने कहा कि ग्रामीण शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे,लेकिन पहल पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ की। इसके बाद पथराव की नौबत आई। इनका कहना है कि लाठीचार्ज में कई महिलाएं भी चोटिल हुई हैं।
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