फोटो नंबर- 42 व 43
पिहोवा के गुरप्रीत का आस्ट्रेलिया में कमरे की फर्श पर शव
- मौत की वजह का नहीं हुआ खुलासा, सिडनी पुलिस कर रही जांच
- शव भारत लाने के लिए परिजनों के पास दस लाख का नहीं है इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा(कुरुक्षेत्र)। जेपी कालोनी निवासी एक छात्र की आस्ट्रेलिया के सिडनी में घर के भीतर ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसके साथ रहने वाले आस्ट्रेलियन रूम पार्टनर ने पुलिस व परिजनों को मौत की सूचना दी। परिजनों ने विदेश मंत्रालय से सरकारी खर्च पर शव को भारत लाने का आग्रह किया है। मृतक आस्ट्रेलिया के सिडनी शहर के वेटवर्थ इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजूकेशन में बिजनेस स्टडी का छात्र था।
पिहोवा की जेपी कॉलोनी निवासी सुरजीत सिंह पेश से कारपेंटर है। उनका पुत्र गुरप्रीत सिंह (28) वर्ष 2015 से आस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में वेंटवर्थ इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजूकेशन में बिजनेस स्टेडी का छात्र था। वो सिडनी शहर में ही एक आस्ट्रेलियन छात्र के साथ किराए के कमरे में रहता था। रविवार सुबह सुरजीत के पास आस्ट्रेलिया में रहने वाले रिश्तेदार ने फोन के जरिए गुरप्रीत की मौत की सूचना दी । रिश्तेदार ने बताया कि गुरप्रीत का शव उसके कमरे में फर्श के नीचे पड़ा मिला। आस्ट्रेलियन पुलिस गुरप्रीत की मौत के कारणों की जांच कर रही है। गुरप्रीत की मौत की खबर सुनकर पूरा परिवार सदमे में आ गया। सुरजीत सिंह ने बताया कि उसकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है। वहीं उनके परिवार का सहारा है। उनका दूसरा लड़का लवप्रीत अभी पढ़ाई कर रहा है। ऐस में वो गुरप्रीत के शव को भारत लाने के लिए खर्च होने वाले 10 लाख रुपए का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने विदेश मंत्रालय से सरकारी खर्चे पर गुरप्रीत के शव को भारत लाने के लिए गुहार की है। वहीं, स्थानीय पुलिस ने घटना के संबंध में जानकारी होने से इंकार किया।
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शनिवार को हुई थी बात
गुरप्रीत के पिता सुरजीत सिंह ने बताया कि शनिवार करीब 7 बजे गुरप्रीत के साथ उनकी बात हुई थी। गुरप्रीत ने पूरे परिवार से काफी देर तक बात की थी। इस दौरान भी उसने किसी तरह की परेशानी आदि का जिक्र भी नहीं किया था। उसने वहां वीजा बढ़ाने के लिए भी आवेदन किया था जिसमें बार-बार अड़चन आ रही थी। फिर भी वह वीजा को बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा था। अचानक रविवार को उसके मौत की खबर आ गई। उधर, आस्ट्रेलिया में गुरप्रीत के दोस्त उसके शव को भारत भेजने के लिए चंदा जुटा रहे हैं। ताकि उसका शव भारत लाया जा सके।