कुरुक्षेत्र। अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले में साक्ष्यों के अभाव में सभी तीनों आरोपियों को बरी कर दिया है। पीड़िता ने दो पुरुष आरोपियों पर वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग कर कई बार दुष्कर्म करने तथा एक आरोपी की भाभी पर उनकी साजिश में शामिल रहने का आरोप लगाया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना पिपली में नजदीकी गांव दूधला की रहने वाली एक विवाहिता ने वर्ष 2017 में पुलिस को शिकायत देते हुए आरोप लगाया था कि उसके पति सरकारी कर्मचारी हैं और बाहर सेवारत हैं। वह अपनी सास व बच्ची के साथ ससुराल में रहती है। उनके गांव का होशियार सिंह उर्फ काला काफी समय से उस बुरी नियत रखता था। उसके पति के साथ होशियार सिंह की दोस्ती भी थी। इतना ही नहीं, उसकी भाभी व सतीश आदि दूध देने घर पर आते थे। इन्होंने इस दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया। दूध पीने के बाद सास व बच्ची सो गए थे। होशियार सिंह ने मौके का फायदा उठाते हुए उससे दुष्कर्म किया। पीड़िता ने शिकायत में कहा था कि होशियार सिंह ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया था, वहीं उसकी अश्लील वीडियो व फोटो भी खींची थी। इसका भय दिखाकर उससे नकदी व सोना लेता रहा। इनकी हरकतों से तंग आकर महिला ने शिकायत कर डाली। पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में बलात्कार करने वाले आरोपी सहित तीनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था।
इंसाफ पाने को लेकर होशियार सिंह सहित तीनों आरोपियों ने वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मेन्द्र सिंह कुंजपुरा को नियुक्त किया। जहां अधिवक्ता ने तीनों की दास्तान सुनने उपरांत पुलिस द्वारा चालान में तमाम दस्तावेजों को खंगाला तो पीड़िता अपने बयानों पर खरी नहीं उतरी और न ही पुलिस आरोपी से कोई सामान व फुटेज बरामद कर पाई थी। अंतत: अदालत में काफी समय से चले इस मामले की सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के अभाव में तीनों को बरी कर दिया।